[haridwar] - झोलाझापों की वजह से बढ़ रहा जनपद में नशे का कारोबार

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हरिद्वार। जिलाधिकारी के आदेश पर रविवार को झोलाछाप और कथित डाक्टरों के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभियान में सामने आया कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। झोलाछाप और कथित डॉक्टर इलाज के नाम पर लोगों को नशा दे रहे हैं और एक सीरिंज कई बार प्रयुक्त कर रहे हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठ रहे हैं कि अभी तक इनके खिलाफ वह कार्रवाई करने क्यों नहीं उतरे। रविवार को जिले में जिलाधिकारी दीपक रावत के निर्देश पर चारों तहसील के एसडीएम के नेतृत्व में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछाप और कथित डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाया गया। एसडीएम मनीष सिंह ने उत्तरी हरिद्वार के क्लीनिकों की जांच की। भीमगोडा के सार्थक, लक्ष्मी, प्रकाश क्लीनिक पर चौंकाने वाला मामला सामने आया। इन तीनों क्लीनिकों पर एनस्थेटिक ड्रग्स, शेड्यूल एच ड्रग्स, एंटीबायोटिक, इंजेक्टेबल ड्रग्स, पैन क्लिर, पीडियाट्रिक मेडीसीन, प्री लोडिड सीरिंज मिली। नियमानुसार इन दवाओं को केवल एमबीबीएस डॉक्टर रख सकते हैं और वे ही मेडिकल स्टोरों के लिए मरीज के लिए लिख सकते हैं, लेकिन हरिद्वार में इस तरह की प्रतिबंधित दवा मिलने से सामने आया कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिलाधिकारी दीपक रावत की मानें तो इन फर्जी क्लीनिकों पर मरीजों के मर्ज के इलाज के नाम पर धोखा किया जा रहा है। इनकी दवाओं से लोग नशे की आदि हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं कि जिन पर कार्रवाई करना शेष है। जनपद में किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। झोलाछाप और कथित डॉक्टरों को संरक्षण देने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भी जांच की जाएगी। ...तो भेदिये विभाग में छिपे हुए झोलाछाप और कथित डॉक्टरों के खिलाफ जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने को जाते हैं तो विभाग के कुछ कर्मचारी इन्हें सूचित कर सचेत कर देते हैं और टीम से पहले ही यह भाग खड़े होते हैं। इस बार जिलाधिकारी और सीएमओ ने मिलकर कार्रवाई की रणनीति तैयारी की और रविवार को अवकाश के दिन अचानक स्टाफ को बुलाकर कार्रवाई पर भेज दिया। इससे एक साथ जिले की 45 क्लीनिकों पर कार्रवाई की गई। डीएम दीपक रावत एवं सीएमओ डा. अशोक कुमार गैरोला का कहना है कि इन कथित झोलाछापों और कथित डाक्टरों से इलाज संबंधित कोई परामर्श न ले। बिना पंजीकरण संचालकों पर गिरेगी गाजहरिद्वार। कस्बे से लेकर शहर तक जगह-जगह पैथोलॉजी लैब खुली हुई हैं। अब झोलाछाप कथित डॉक्टरों पर कार्रवाई होते देखकर पैथोलॉजी संचालक एकत्रित होकर डीएम दीपक रावत के जनता दरबार में पहुंच गए। उन्होंने डीएम को शीघ्र पंजीकरण कराने को आश्वस्त किया। सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी दीपक रावत ने जनता मिलन दरबार लगाया गया था। इसमें जनपद में ब्लड, यूरिन आदि की जांच करने वाले पैथोलॉजी संचालक भारी संख्या में पहुंच गए। पैथ लैब संचालकों ने डीएम से बताया कि उनके पास लैब संचालित करने की डिग्री हैं, लेकिन पंजीकरण नहीं हैं। उन्होंने डीएम से पंजीकरण कराने के लिए मोहल्लत मांगी है। इस पर डीएम ने उन्हें तत्काल पंजीकरण के साथ अन्य कागजात पूरे करने को कहा है। डीएम दीपक रावत ने लैब संचालकों से जांच संबंधित जानकारी ली तो आधी अधूरी जानकारी देते नजर आए। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि वह एक सप्ताह के अंदर पैथोलॉजी संचालकों से पूरे कागजात जमा करवाएं।

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