[kurukshetra] - - सरकारी कार्यालयों के कंप्यूटरों के बदले जा रहे पासवर्ड, डाटा को भी संभालने में जुटे अधिकारी

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कंप्यूटर प्रोफेशनल्स हड़ताल पर, सरकार को साढ़े चार करोड़ का नुकसान अमर उजाला ब्यूरो कुरुक्षेत्र। डीआईटीएस, हारट्रोन एवं आउटसोर्सिंग के तहत लगे कंप्यूटर प्रोफेशनल्स मांगों को लेकर 15 अप्रैल से हड़ताल पर हैं, जिससे न केवल ई दिशा, तहसील कार्यों सहित विभिन्न विभागों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। लोगों को अभी भी मायूस होकर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन कर्मियों द्वारा कंप्यूटरों पर लगाए गए पासवर्ड भी कड़ी मशक्त कर बदले जा रहे हैं, ताकि दूसरे कर्मी उन पर कार्य कर सकें। वहीं संबंधित अधिकारी कंप्यूटरों में पड़े डाटा को भी विशेष तौर पर संभालने में जुट हैं। अधिकारियों को खतरा है कि सरकार ने हड़ताली कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया तो वे कहीं ऑनलाइन डाटा का दुरुपयोग न कर दें। वहीं हड़ताल शुरू होने से लेकर सोमवार तक छह कामकाज दिवस के दौरान ही जहां जिलाभर में करीब छह हजार फाइलें अटकी पड़ी हैं, वहीं सरकार व प्रशासन को भी लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।डीआईओ से लेकर तहसीलदार व अन्य संबंधित अधिकारी संशय में फंसे हैं तो वहीं सामुदायिक सेवा केंद्र व सीसीएम के संचालकों के अलावा सक्षम युवक-युवतियों से भी कार्य लिए जाने का प्रयास पहले दिन से ही किया जा रहा है। इसके बावजूद काम संभल नहीं पा रहा है। यहां तक कि अब ये केंद्र संचालक भी किनारा कर रहे हैं। अधिकारियों के हाल ही में जिला में नियुक्त हुए 38 नए क्लर्कों को भी उनके कार्यों से हटाकर कंप्यूटर प्रोफेशनल्स की जगह कार्य लेने का प्रयास किया है, लेकिन वे भी रजिस्ट्री से लेकर इंतकाल, फर्द, जमाबंदी, वाहन रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, राशन कार्ड सहित अन्य प्रकार के कार्यों को समझ नहीं पा रहे हैं। हालांकि हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद पहले तीन दिन लोगों ने भी सरकारी कार्यालयों में आना उचित नहीं समझा, लेकिन अब लोगों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई है। अधिकतर को मायूसी के साथ ही लौटना पड़ रहा है। सोमवार को सीएम विंडों पर शिकायतें दर्ज करने के अलावा तहसील कार्यालय में भी रजिस्ट्री सहित कई प्रकार की सेवाएं चलाने का प्रयास किया, जहां लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन अन्य आवश्यक सेवाएं ठप रहीं। बता दें कि कंप्यूटर प्रोफेशनल्स संघ हरियाणा के आह्वान पर 15 अप्रैल को ही हड़ताल पर चले गए थे, लेकिन इसके बाद सोमवार से लेकर वर्तमान सोमवार तक छह कार्य दिवसों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिलाभर में 70 कर्मी हड़ताल पर : सिंगला डीआईओ विनोद सिंगला ने दावा करते हुए कहा कि जिलाभर में डीआईटीएस, हारट्रोन एवं आउटसोर्सिंग के तहत 130 कर्मी लगाए गए हैं, जिनमें 70 कंप्यूटर प्रोफेशनल्स हैं। सभी कंप्यूटर प्रोफेशनल्स हड़ताल पर हैं, जिससे कुछ कामकाज प्रभावित हो रहा है, लेकिन सक्षम युवक-युवतियों व सीएसएस से जुड़े युवाओं को काम चलाने के लिए लगाया गया, जिससे सीएम विंडो पर सामान्य रूप से कामकाज चला तो रजिस्ट्री सहित कई अन्य सेवाएं भी जारी रहीं। शाहाबाद में महज एक तो थानेसर में हुईं 30 रजिस्ट्रियां कंप्यूटर प्रोफेशनल्स की हड़ताल के चलते अब स्थायी कर्मियों को रजिस्ट्री कार्य पर बैठाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके चलते कुछ कार्य होने लगा है। सोमवार को शाहाबाद में महज एक रजिस्ट्री तो थानेसर में 30 रजिस्ट्रियां की गईं। लाडवा में हड़ताल के चलते कोई रजिस्ट्री करवाने नहीं पहुंचा। पिहोवा में भी मंगलवार से ही रजिस्ट्री कार्य शुरू होने की संभावना है। सामान्य दिनों में अकेले थानेसर में 50 रजिस्ट्री होती थी। वहीं इतनी ही रिजस्ट्री अन्य तहसील में होती थी। इससे 60 से 70 लाख रुपये का राजस्व आता था, जो अब ठप पड़ा हुआ है। हड़ताल पर गए कर्मचारियों की मांग - कंप्यूटर प्रोफेशनल को नियमित किया जाए। - नियमित होने तक समान काम समान वेतनमान दिया जाए। - प्रदेश की आईटी सोसायटी के माध्यम से कंप्यूटर प्रोफेशनल को राजस्व विभाग में समायोजित किया जाए । - हेड से वेतनमान दिया जाए। - हटाए गए कंप्यूटर प्रोफेशनल को नौकरी पर दोबारा रखा जाए। - हारट्रोन के माध्यम से लगे कंप्यूटर प्रोफेशनल को वरिष्ठता के आधार पर सभी लाभ दिए जाएं। - आउटसोर्सिंग सिस्टम समाप्त किया जाए। - कंप्यूटर प्रोफेशनल्स को रिक्त पदों में समायोजित किया जाए । - 7 जनवरी को करनाल में कंप्यूटर प्रोफेशनल्स पर दर्ज किए मामले वापस लिए जाएं।

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