[mandi] - नए टैक्टरों का पंजीकरण नहीं होने से चार हजार की रोटी प्रभावित

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नए ट्रैक्टरों का पंजीकरण न होने से चार हजार की रोजी प्रभावित प्रदेश में 750 नए ट्रैक्टरों का अब तक नहीं हुआ पंजीकरण डीलरों ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर उठाई समस्या का शीघ्र हल करने के मांग अमर उजाला ब्यूरो मंडी। प्रदेश में नए ट्रैक्टरों का पंजीकरण पिछले सात माह से लटका हुआ है। इसके चलते डीलरों में रोष है। इसके चलते उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेशभर के सभी ट्रैक्टर डीलरों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र उनकी समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है। यह ज्ञापन उन्होंने जिला मंडी के ट्रैक्टर यूनियन के प्रधान हरीश सैणी की अगुवाई में सीएम को दिया। उनके साथ विभिन्न जिलों के आए हुए डीलर भी थे। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 750 नए ट्रैक्टर हैं, जो कंपनियों की ओर से विक्रय किए गए हैं। यह बिना पंजीकरण के किसानों के घर के बाहर खड़े हैं। यूनियन का कहना है कि परिवहन विभाग ने व्यावसायिक पंजीकरण बंद कर दिया है तथा कृषि पंजीकरण के इतने कठिन नियम हैं कि उनको पूरा कर पाना मुश्किल है। बिना पंजीकरण के ट्रैक्टर चलाने से सरकारी विभाग जुर्माने के नाम पर तंग करते हैं। केंद्रीय सरकार की ओर से ट्रैक्टर खरीद पर ग्राहक को 1 लाख 25 हजार उपदान दिया जाता है, जोकि बगैर पंजीकरण के नहीं मिल पा रहा है और कृषि विभाग की ओर से किसानों को यह सूचना दी जा रही है कि अगर आप शीघ्र अपनी आरसी को जमा नहीं करवाते हैं तो इसके अभाव से आपकी उपदान राशि कैंसल हो जाएगी। नए और पुराने ट्रैक्टरों की पासिंग न होने से लगभग 4 हजार के करीब परिवारों को रोजी रोटी की समस्या आ रही है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 50 से 60 ट्रैक्टर डीलर और सब डीलर हैं। उन्होंने करीब 100 करोड़ बैंकों से कर्ज ले रखा है वे इस समय उसे चुकाने में असमर्थ है। ट्रैक्टर डीलरों के पास इस समय प्रत्यक्ष रूप से 700 से 800 के करीब लोगों को रोजगार मिला है, वे भी बेरोजगार होने की कगार पर हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि ट्रैक्टरों का व्यावसायिक पंजीकरण पुराने तरीके से ही शुरू किया जाए, जब तक नए नियम और दिशा-निर्देश नहीं आते हैं। इसके अतिरिक्त कृषि के लिए ट्रैक्टर पंजीकरण को सरल किया जाए। भविष्य में सरकार ट्रैक्टर पंजीकरण को लेकर नियम बनाती है तो इसमें ट्रैक्टर डीलर और किसानों की राय ली जाए। इस मौके पर एमएस सोहा ट्रेडर्स, राणा ट्रैक्टर, शिवम इंडिया नादौन, शिव सायरा इंडिया, एमएस ट्रैक्टर, बंशी लाल एंड संन्ज जाहू, आनंद ऑटोमोबाइल ट्रैक्टर, रजत आटोमोबाइल और अन्य ट्रैक्टर डीलरों ने सरकार से इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।

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