[muzaffarnagar] - शिक्षक विकास कार्यशाला का आयोजन

  |   Muzaffarnagarnews

मानवीय क्रियाओं में भी शोध का समावेशमुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज के सभागार में शिक्षक विकास कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि पंजाब विश्वविद्यालय, भूगोल विभाग चंडीगढ़ के पूर्व प्रोफेसर डॉ गोपाल कृष्ण ने कहा कि शोध और अनुसंधान दोनों अलग-अलग हैं। शोध से नए तथ्यों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है, जबकि अनुसंधान शोध करने की प्रक्रिया है। मानवीय क्रियाओं में भी शोध का समावेश है, चाहे वो हमारे सोच में हो या फिर पर्यावरण में या किसी अन्य गतिविधियों में। शोध निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। आज शोधार्थियों को विषय से ज्यादा अपने गाइड की मनोदशा पर शोध करना चाहिए, जिससे शोधार्थी अपने शोध से नए तरह की अनुसंधान करने में सक्षम हो पाएगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय भूगोल विभाग चंडीगढ़ के पूर्व चेयरमैन डा सूर्यकांत, विद्या कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट से डॉ आदित्य गौतम रहे। विशिष्ट अतिथि डॉ अदित्य गौतम ने कहा कि शोध एक प्रक्रिया है, जिसमें हम विभिन्न तथ्यों में से कुछ मुख्य तथ्यों को अलग कर सूचना एकत्र करते है तथा अनुसंधान उस सूचना के आधार पर नए ज्ञान के लिए अनुसरण करने से है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था चेयरमैन चेयरमैन डॉ एससी कुलश्रेष्ठ ने की। पहले दिन के पहले तकनीकी सेशन में शोध विषय का चयन, शोध की समस्या का प्रतिपादन एवं उसके उद्देश्यों के बारे में बताया गया। डॉ आरिफ ने शोध की उपकल्पना के बारे में प्रारंभिक जानकारी दी। डॉ बीके त्यागी ने अभार जताया। एमजी मजूमदार, डॉ आरएस सक्सेना, अभिषेक बागला, डॉ प्रेरणा मित्तल, पूनम शर्मा, अशफ़ाक अली, तबस्सुम, विवेक त्यागी, राजीव रावल, शिरिन हुसैन, रितु, दानिश आदि मौजूद रहे। संचालन श्रृति मितल ने किया।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/7wCI_QAA

📲 Get Muzaffarnagar News on Whatsapp 💬