दोस्ती 🤝करने के लिए रोहतक ट्रैफिक 👮पुलिस ने लड़की से मांगा नंबर, हुआ😱 सस्पेंड

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रोहतक ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही को दोस्ती करने के लिए नेशनल कराटे खिलाड़ी गोल्ड मेडलिस्ट से उसका मोबाइल नंबर मांगना भारी पड़ गया. उसकी इस हरकत पर बिफरी नेशनल खिलाड़ी ऑटो में वर्दी पहने सिपाही को लेकर महिला थाने में पहुंच गई. लड़की का आरोप है कि थाने में एसएचओ ने सिपाही पर कार्रवाई करने की बजाए खिलाड़ी को तर्क दिया कि वह सिर्फ आरोपी को जलील कर सकती है.

यहां तक की पुलिस कर्मी एक वीडियो में इंसानियत की दुहाई देते हुए माफी मांग रहा है. लड़की चाहती है कि इस मामले में कार्यवाही होनी चाहिए. प्रीत विहार कॉलोनी निवासी युवती ने बताया कि वह बीसीए पास करने के बाद कराटे की प्रेक्टिस करती है. खिलाड़ी नेशनल और राज्य स्तर पर कई प्रतियोगिता खेल चुकी है. वह फिलहाल शीला बाईपास स्थित एक एकेडमी में तैयारी करती है. खिलाड़ी का कहना है कि वह गुरूवार को प्रेक्टिस खत्म करने के बाद पावर हाउस से ऑटो में बैठकर डबल फाटक की तरफ जा रही थी.

खिलाड़ी जब ऑटो में बैठी तो उसने अपने पिता के पास फोन करके कहा कि वह दस मिनट में घर आ रही है. खिलाड़ी के अनुसार जब ऑटो मेडिकल मोड पर पहुंचा तो यहां से ट्रैफिक पुलिस का एक सिपाही उसमें सवार हो गया. डी पार्क पर ऑटो में खिलाड़ी और सिपाही ही सवारी के रूप में बैठे थे. डी पार्क पर चालक ने ऑटो रोक लिया और किसी काम से एक दुकान पर चला गया. खिलाड़ी को अकेला पाकर सिपाही ने उसका मोबाइल नंबर मांगा.

इस पर खिलाड़ी ने उससे नंबर मांगने का कारण पूछा तो सिपाही ने कहा कि वह सिर्फ दोस्ती करने के लिए मांग रहा है. इस पर खिलाड़ी बिफर गई. इसी बीच ऑटो चालक आ गया. उसने खिलाड़ी से सारी कहानी पूछी. खिलाड़ी ने चालक से ऑटो को महिला थाने में ले जाने की बात कही. फिर चालक ऑटो को महिला थाने लेकर चल दिया. हालांकि सिपाही ने खिलाड़ी से माफी मांगकर पीछा छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन खिलाड़ी ने उसकी एक नहीं सुनी. जिसका खिलाड़ी ने वीडियो भी बना लिया.

खिलाड़ी का आरोप है कि महिला थाना प्रभारी द्वारा सिपाही के खिलाफ कार्रवाई न करने का दबाव बनाया जा रहा है. यही नहीं एसएचओ ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा जलील कर सकते हैं, भाषण देने की जरूरत नहीं है. लेकिन वे चाहती है कि इस मामले में कार्यवाही की जाए. ताकि हमारी सुरक्षा करने का दावा भरने वाले ऐसा कदम ना उठा पाएं.

इस मामले में जब पुलिस से बात की गई तो डीएसपी रविंद्र का कहना है कि इस मामले में तुरंत कार्यवाही करते हुए कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है. अगर कोई लिखित शिकायत दी जाती है तो मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है. फिलहाल इस मामले में गंभीरता से जांच की जा रही है और अगर दोषी पाया जाता है तो सख्त कार्यवाही की जाएगी.

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