[aligarh] - पुस्तक विक्रेताओं की हड़ताल खत्म

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।

दो दिन से चल रही पुस्तक विक्रेताओं की हड़ताल खत्म हो गई है। दुकानें खुल गई हैं। इन दुकानों पर खरीदार जुट गए हैं।

बुधवार को एसआईबी टीम ने एडिशनल कमिश्नर सीबी सिंह की देखरेख व ज्वाइंट कमिश्नर एचटी राव दीक्षित के नेतृत्व में अचल मार्केट में आधुनिक स्टेशनर्स, अनिरुद्ध बुक डिपो ब्ल्यू वर्ड स्कूल के सामने जीटी रोड, दोदपुर में अनवार बुक डिपो और किशनपुर तिराहा स्थित रजत बुक डिपो पर एक साथ छापा मारा था।

इसके विरोध में पुस्तक विक्रेताओं ने दोपहर दोपहर तीन बजे से अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं। गुरुवार को भी पूरे दिन तक दुकानें बंद रहीं। शुक्रवार को दोपहर एक बजे आर्य समाज मंदिर के पास चिल्ड्रेन बुक सेलर्स एसोसिएशन ने एडीएम एसबी सिंह को सर्वे व छापामार कार्रवाई से राहत देने के लिए ज्ञापन सौंपा।

एडीएम ने व्यापारियों से नियमानुसार व्यापार करने के लिए कहा। अभिभावकों को किताबों के साथ कॉपी व अन्य स्टेशनरी न थोपने की कहा। जिस दुकानदार का जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं हैं, वह रजिस्ट्रेशन करा लें। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुस्तक विक्रेताओं से दुकान खोलने की बात कही।

इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अवतार शर्मा, अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय, भुवनेश आधुनिक, मुकेश कुमार, विवेक गुप्ता, दयानंद, पीयूष शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, अलीगढ़ पब्लिशर्स पुस्तक स्टेशनरी विक्रेता के पूर्व अध्यक्ष हरिश्चंद्र शर्मा ने कहा कि स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों की जगह निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगाते हैं, जिनका मूल्य अधिक होता है।

आधुनिक स्टेशनर्स व अनिरुद्ध बुक डिपो फर्म को नोटिस
जीएसटी में रजिस्ट्रेशन न होेने पर आधुनिक स्टेशनर्स व अनिरुद्ध बुक डिपो फर्म को नोटिस भेजा जा रहा है। इनसे टैक्स वसूला जाएगा।
वाणिज्य कर की एसआईबी टीम ज्वाइंट कमिश्नर एचटी राव दीक्षित ने बताया कि अचल मार्केट में आधुनिक स्टेशनर्स, ब्ल्यू वर्ड स्कूल के सामने जीटी रोड स्थित अनिरुद्ध बुक डिपो के यहां जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं मिला था, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है कि वह रजिस्ट्रेशन करा लें। इनके यहां जो कागजात मिले हैं, उनकी जांच चल रही है। इस क्षेत्र के संबंधित खंड अधिकारी इन दुकानदारों से टैक्स वसूलने की कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि अनवार बुक डिपो से 13 लाख रुपये की नोटबुक व जीएसटी वसूलने वाली स्टेशनरी मिली। 10 महीने में सिर्फ 932 रुपये कर चुकाया गया। इस दुकान के बिल सीज कर दिए गए हैं। वहीं, रजत बुक डिपो के यहां पांच लाख का स्टॉक माल मिला, जबकि आधुनिक स्टेशनर्स के यहां सात लाख रुपये का माल स्टॉक में मिला। अनुग्रह बुक डिपो के यहां दो लाख रुपये का माल स्टॉक में मिला।

मोदी का जमाना है : एडीएम
आर्य समाज मंदिर के पास शुक्रवार को पुस्तक व्यापारियों से ज्ञापन लेने पहुंचे एडीएम एसबी सिंह ने कहा कि जमाना बदल गया है, मोदी का जमाना है, इसलिए बगैर रिकॉर्ड के नहीं रह पाओगे। अगर इसमें हीलाहवाली की, तो नुकसान भी उठाओगे। उन्होंने कहा कि जिनका जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं है, वह रजिस्ट्रेशन करा लें। अब उन्हें सिस्टम में आना होगा। स्वयं व्यापारियों ने अपने साथी व्यापारियों से जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की।

स्कूलों में हो छापामार कार्रवाई
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का एक प्रतिनिधि मंडल आयकर आयुक्त एके राघव से मिला। उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। कान्वेंट स्कूलों का आयकर सर्वे करने की मांग की। कहा कि स्कूलों में हर पांच साल में नई शाखा व बिल्ंिडग बन रही है। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, प्रदेश मंत्री योगेंद्र वर्मा, महानगर मंत्री सीटू चौधरी, मधुर महेश्वरी, अतुल गौतम, पुष्पेंद्र, पवन राजपूत, कृष्णा रावत भारती आदि मौजूद रहे।

अभिभावकों की गाढ़ी कमाई पर डाका : अनुराग
अभिभावक एसोसिएशन के प्रभारी अनुराग गुप्ता ने कहा कि पुस्तक प्रकाशकों से स्कूल संचालक सांठगांठ करके अभिभावकों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं।
शुक्रवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इन स्कूलों में जिन शिक्षकों को चेक से तनख्वाह दी जाती है, बाद में उससे 30-40 फीसदी तक नकद रुपये ले लिए जाते हैं। इस शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश श्रीवास्तव व चेयरमैन सौरभ सिक्ससंस ने कहा कि जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की जाएगी। इसके लिए कोर्ट के वकील मयूर चंद्रा को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। इससे पूर्व उन्होंने आयकर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजी स्कूलों व पुस्तक प्रकाशकों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर सुधीर वार्ष्णेय, पार्षद पुष्पेंद्र जादौन, राजीव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम : वूल
वरिष्ठ भाजपा नेता मनीष वूल ने कहा कि स्कूल संचालक व पुस्तक विक्रेताओं की मिलीभगत के चलते अभिभावकों के उत्पीड़न को रोकने के लिए योगी सरकार के निर्णय का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को सरकार का सहयोग करना चाहिए। व्यापारी नेता हरिकिशन अग्रवाल ने कहा कि सरकारी स्कूल व मदरसों के छात्रों को आधार से लिंक करना चाहिए, ताकि यहां व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके। भाजपा महानगर उपाध्यक्ष सुबोध स्वीटी ने कहा कि पूर्व सरकार ने शिक्षा को व्यवसायीकरण कर दिया। योगी सरकार को इसमें परिवर्तन करने की आवश्यकता है। इस मौके पर हरपाल सिंह, प्रशांत समाधिया, योगेंद्र वर्मा, सीटू चौधरी आदि मौजूद रहे।

छापामार कार्रवाई का समर्थन
‘एक किरण उम्मीद की’ अभिभावक एसोसिएशन ने पुस्तक विक्रेताओं के यहां छापामार कार्रवाई का समर्थन किया है। इस संबंध में कुमार नर्सिंग होम के सामने कैंप कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में संस्थापक प्रबंधक उमेश चंद्र वार्ष्णेय, देवेंद्र कुमार वार्ष्णेय, हिमांशु पाठक, ज्ञानेंद्र मिश्रा, लोकेश कुमार, नावेद, कुमार पल्लव, सुशांत अग्रवाल, घनेंद्र शर्मा, राहुल वर्मन, अजय कुमार, विनीत फिलिप, अशोक शर्मा, अनिल कुमार शर्मा, दानिश किरमानी, रोहित वार्ष्णेय, नीतेश वार्ष्णेय, यशपाल सिंह, अमित कुमार वाजपेई आदि मौजूद रहे।

किताब के साथ स्टेशनरी लेने को दबाव नहीं बना सकेंगे बुकसेलर
महानगर के बुक सेलर विभिन्न नामचीन एवं अन्य स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं पर किताबों के साथ कापियां एवं अन्य स्टेशनरी आइटम खरीदने के लिए दबाव नहीं बना सकेंगे। प्रशासन ने इसके लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। एडीएम सिटी एसबी सिंह ने बताया कि बुक सेलरों को पायरेटेड किताबें बेचने, पठन पाठन सामग्री पर जीएसटी लगाकर बेचने की हिदायत दी गई है। इस मामले में सोमवार को सायं पांच बजे बुक सेलर प्रतिनिधि, स्कूल संचालक एवं अभिभावकों की संयुक्त बैठक बुलाई गई है।

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