[champawat] - पूर्णागिरि मेला : 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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मां श्री पूर्णागिरि धाम में शुक्रवार को भी करीब पचास हजार से अधिक श्रद्धालु उमड़े। इस बीच टनकपुर से मुख्य मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुविधाओं के नाम पर सिर्फ दिक्कतें अधिक नजर आईं। टनकपुर से ठुलीगाड़ तक श्रद्धालुओं के लिए मेले के दौरान यातायात की बेहतर व्यवस्था न होने से ठुलीगाड़ में श्रद्धालुओं को घंटों धूप में इंतजार करना पड़ा। बूम में वाहन पार्किंग की पर्ची काटने के बाद भी जबरन छोटे वाहन खड़े कराए जा रहे हैं, इससे यात्रियों को बूम से भैरव मंदिर तक पहुंचने में या तो जेब ढीली करनी पड़ रही है या आगे पैदल चलना पड़ रहा है। यातायात व्यवस्था के बारे में बताने वाला कोई नहीं है। तेज धूप में आगे बढ़ते श्रद्धालुओं का सहारा है तो सिर्फ वहां की दुकानें, जहां बैठकर पैदल चलते श्रद्धालु थोड़ी देर विश्राम कर रहे हैं।

वहीं, मुख्य मंदिर में देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काली मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच दो जगहों पर बैरिकेडिंग लगाना पड़ा। इसके अलावा काली मंदिर से मुख्य मंदिर से पूर्व तक करीब सात मीटर की चढ़ाई में पेयजल की कोई व्यवस्था न होने से छोटे बच्चों के साथ आ-जा रहे श्रद्धालुओं को खासी दिक्कत हो रही है।

इधर, मेला प्रशासन ने भारी वाहनों पर बूम से आगे प्रतिबंध लगा रखा है। भीड़ बढ़ने पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए छोटे वाहनों को भी बूम में रोका जाता है, लेकिन इन दिनों छोटे निजी वाहनों से आ रहे श्रद्धालुओं के वाहनों को टैक्सी चालकों एवं वहां के दुकानदारों के इशारे पर जबरन बूम पार्किंग स्थल पर खड़ा कराया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी से जूझना पड़ रहा है।

टैक्सियों के इंतजार में धूप में बेहाल हो रहे श्रद्धालु

मां पूर्णागिरि के प्रवेश द्वार ठुलीगाड़ में विश्राम की पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को जमीन पर बैठकर विश्राम करना पड़ रहा है। साथ ही गंतव्य को जाने के लिए तेज धूप सहकर वाहनों की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। शुक्रवार को दोपहर के समय ठुलीगाड़ से टनकपुर के लिए टैक्सी वाहन कम होने से श्रद्धालु बेहाल नजर आए। टनकपुर-पूर्णागिरि के बीच टैक्सी वाहनों के नियमित संचालन की व्यवस्था का अभाव भी श्रद्धालुओं को खल रहा है।

बाल मुंडन स्थल पर भी उमड़ रही भीड़

मां पूर्णागिरि धाम आ रहे श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराने पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को सुबह से ही मुंडन स्थल पर श्रद्धालुओं की गहमा-गहमी रही। बता दें कि मां के धाम में बच्चों के मुंडन संस्कार की परंपरा है। मेले की आयोजक संस्था जिला पंचायत द्वारा हर साल बाल मुंडन का ठेका आवंटित किया जाता है। इस बार मुंडन का यह ठेका 76 लाख से अधिक में आवंटित हुआ है।

इनसेट

मेटल डिटेक्टर डोर से हो रही चेकिंग

मां पूर्णागिरि धाम में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। समूचे मेला क्षेत्र में पर्याप्त फोर्स तैनात करने के साथ ही भैरव मंदिर और काली मंदिर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर डोर लगाए गए हैं। सीओ आरएस रौतेला ने समूचे मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने का दावा किया है।

फोटो 06 टीएनपी 16 पी।

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