[chandauli] - बीस लाख जनसंख्या पर 107 चिकित्सक, कैसे सुधरेगा स्वास्थ्य

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चंदौली। अति पिछड़े जिले के रुप में चयनित जिले में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाने के लिए नीति आयोग की ओर से दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं मगर स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत बेहद खराब है। हाल यह है कि बीस लाख की आबादी वाले जिले में मात्र 107 चिकित्सक तैनात हैं। इसमें भी ज्यादातर चिकित्सक समय से अस्पताल तक नहीं पहुंचते। मरीज आते हैं और मायूस होकर लौट जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की माने तो अभी 25 चिकित्सकों की कमी है। यह तब है जब जिले में 61 प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की और जरूरत है। यदि इन अस्पतालों का निर्माण हो जाए तो जिले में करीब 125 चिकित्सकों की और जरूरत होगी।
जिले में संचालित चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकीय सुविधाओं का अभाव है। कहीं डाक्टर नहीं तो कहीं सहायक नहीं है। दवाएं उपलब्ध नहीं है। मरीज भटकने के बाद निजी अस्पतालों में जाने को विवश होते हैं। मानक के अनुसार एक लाख 20 हजार की आबादी पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए। इसके हिसाब से पूरे जिल में 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत है। लेकिन वर्तमान समय में सिर्फ चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। वहीं छह सीएचसी निर्माणाधीन है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति भी दयनीय है। 66 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता वाले जिले में मात्र 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही संचालित हैं। जबकि प्रत्येक तीस हजार की आबादी पर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता है। इन सभी केंद्रों पर 107 चिकित्सक तैनात हैं। जबकि मानक के हिसाब से अभी भी 25 चिकित्सकों की कमी है। सीएमओ डॉ. पीके मिश्र का कहना है कि चिकित्सकों की कमी को दूर किया जाएगा। साथ ही निर्माणाधीन अस्पतालों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। ताकि इसका लाभ लोगों को मिल सके।

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