[jhajjar-bahadurgarh] - बारिश से भीग गया करोड़ों का गेहूं, ग्रामीण मंडियों में ज्यादा नुकसान

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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
मंडियों में लगी गेहूं की ढेरियां शुक्रवार की शाम को हुई तीन एमएम बारिश की वजह से भीग गई। हालांकि बारिश हल्की हुई है तो ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन मौसम के बिगड़ते हालात को देखकर लग रहा है कि अगर ज्यादा बारिश हुई तो खुले आसमान तले रखा करोड़ों रुपये का गेहूं पानी में खराब हो जाएगा।
झज्जर, बहादुरगढ़ व बेरी की अनाज मंडियों में तो एक-एक शेड हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की अस्थायी मंडी आसौदा, माजरा-डी, मातनहेल, ढाकला व छारा में गेहूं खरीद पूरी तरह से खुले आसमान तले हो रही है। वहीं, गेहूं के साथ-साथ सरसों की मंडी में भी उठान नहीं होने के कारण खुले आसमान तले रखे सरसों के कुछ बैग भीग गए। सबसे अधिक नुकसान माजरा-डी व ढाकला व मातनहेल की मंडियों में हुआ है। क्योंकि वहां पर उठान नाममात्र होने की वजह से ज्यादा गेहूं भीगा है। अगर और बारिश नहीं हुई तो इसके सूखने में करीब एक सप्ताह का समय लग जाएगा। तब तक खरीद भी प्रभावित होगी। कृषि विभाग के डीडीए रोहतास ने बताया कि शुक्रवार को जिले में तीन एमएम बारिश हुई है।

शुक्रवार को जिले की अनाज मंडियों में हुई खरीद और आवक
मंडी आवक खरीद
आसौदा 0 0
बहादुरगढ़ 260 260
बेरी 772 932
छारा 3896 3896
ढाकला 0 0
झज्जर 0 0
माजराडी 100 0
मातनहेल 0 0
कुल 5028 5088

वर्जन
प्रकृति के आगे सब लाचार हैं। उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक उठान किया जा सके। लेकिन आवक अधिक होने के चलते उठान में तेजी संभव नहीं हो पा रही है। उनका प्रयास है अधिक से अधिक गेहूं को तिरपाल से ढक कर रखा जाएगा। अधिक बारिश नहीं हुई है, दो-तीन दिन में गेहूं सूख जाएगा।
- सुरेंद्र चौधरी, डीएम, हैफेड।

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