[jind] - जिला परिवेदना समिति की बैठक में समिति सदस्य ने वितमंत्री से की शिकायत, बोले बिजली निगम के एसडीओ नहीं उठाते फोन

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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने शुक्रवार को डीआरडीए हाल में जिला परिवेदना समिति की बैठक में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान सही प्रकार से करें। वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार जब भी चल रही थी, जब हम नहीं थे और तब भी चलेगी, जब हम नहीं होंगे। सिस्टम चलते रहना चाहिए। बैठक में परिवेदना समिति के सदस्यों ने ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पिल्लूखेड़ा बिजली निगम के एसडीओ को कहा कि वे अपनी कार्यप्रणाली सुधारें। यदि उनका व्यवहार नहीं सुधरता तो अगली मीटिंग में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी मीटिंग में मोबाइल टावर सील करने की शिकायत पर उन्होंने पिल्लूखेड़ा के बीडीपीओ को भी चेतावनी दी।
दरअसल मीटिंग के दौरान पिल्लूखेड़ा पिल्लूखेड़ा के लोगों ने नाले के निर्माण में हो रही अनियमितता की शिकायत वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के समक्ष रखी। इसी दौरान परिवेदना समिति के सदस्य बलबीर मलिक ने वित्तमंत्री को शिकायत दी कि बीडीपीओ सुनहरा सिंह लोगों से ठीक पेश नहीं आते। यहां तक की डीसी द्वारा करीब तीन महीने पहले कालवा गांव में अवैध मोबाइल टावर को सील करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद यह टावर चल रहा है। इस पर वित्तमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और बीडीपीओ से पूछा कि आदेश के बावजूद मोबाइल टावर कैसे चल रहा है। वित्तमंत्री ने पूछा कि क्या आप लोगों ने आंख बंद कर ली हैं। वित्तमंत्री ने आदेश दिए कि टावर को तुरंत प्रभाव से सील किया जाए।

बिजली निगम के एसडीओ को चेतावनी
इस दौरान जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य मनोज कौशिक ने कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने कहा उनके गांव में बिजली के तार लटक रहे हैं। इससे हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन बिजली निगम के एसडीओ अजीत सिंह फोन तक नहीं उठाते। कौशिक ने कहा कि एसडीओ कहते हैं कि वे काम नहीं करेंगे उन्हें तो बदली करवानी है। इस पर वित्तमंत्री ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। वित्त मंत्री ने पूछा कि वे क्यों बदली करवाना चाहते हैं। एसडीओ ने कहा कि वे मन लगाकर काम कर रहे हैं। इस पर वित्तमंत्री ने तल्ख लहजे में कहा कि परिवेदना समिति के सदस्य वरिष्ठ लोग होते हैं। जब उनके ही फोन नहीं उठाते तो अधिकारी लोगों की सेवा कैसे करेंगे। उन्होंने एसडीओ को सख्त लहजे में कहा कि अगली मीटिंग में इसकी रिपोर्ट ली जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि बदली करवाना कोई समाधान नहीं है।

अधिकारी सप्ताह में दो घंटे मिलें परिवेदना समिति के सदस्यों से
इस प्रकार की शिकायत मिलने पर वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने डीसी अमित खत्री को कहा कि वे सप्ताह में एक दिन दो घंटे का समय रखें, जिस दौरान अधिकारी परिवेदन समिति के सदस्यों के लिए मौजूद रहें।
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12 हजार रुपये आया बिल, मंत्री बोले अधिकारी होंगे जिम्मेदार
बैठक में दुर्गा कॉलोनी निवासी योगेश देवी ने शिकायत दी कि पहले उनको गलत तरीके से जुर्माना किया गया और 12 हजार रुपये बिजली का बिल आ गया है। इस पर बिजली निगम के एक्सईएन ने जवाब दिया के मीटर रीडिंग के लिए नई व्यवस्थाएं हुई। इससे जिला भर में दिक्कत आ रही हैं। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि कंपनी से काम करवाना अधिकारियों का काम है। अगली मीटिंग तक यह बिल ठीक होना चाहिए। नहीं तो इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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कब्जा छुड़वा दिया था तो कैसे उग गई फसल
एजेंडा नंबर आठ में अलेवा निवासी जयपाल ने जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। इस पर सुनवाई के दौरान अलेवा के बीडीपीओ ने वित्तमंत्री को बताया कि यहां करीब 35 कनाल जमीन पर फसल उगाई थी। प्रशासन ने उसे नष्ट करवा दिया था। बरसीम को काट कर नंदीशाला भेजा गया, लेकिन नष्ट करवाने के बावजूद गेहूं की फसल उग गई। अब उसे कटवाकर गेहूं व तूड़ी नंदीशाला में भेज दिया जाएगा। इस पर वित्तमंत्री ने पूछा कि जब फसल नष्ट हो गई थी तो उगी कैसे। उन्होंने कहा कि इस मामले में जल्द कार्रवाई की जाए।

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