[lalitpur] - एक प्रशिक्षु एक प्रवेश योजना हुई लागू 1,514 ऑउट ऑफ स्कूल बच्चों का दाखिला

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1,514 आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मिलेगा दाखिला
एक प्रशिक्षु एक प्रवेश योजना लागू
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शासन ने प्रदेश में ‘एक प्रशिक्षु, एक प्रवेश’ योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत सभी बीटीसी/डीएलएड प्रशिक्षुओं को अब हर वर्ष छह से 14 वर्ष की आयु वाले एक-एक आउट ऑफ स्कूल बच्चे का दाखिला नजदीक के प्राथमिक विद्यालय में कराना होगा। यह योजना डायट व निजी महाविद्यालयों सभी जगह लागू की गई है, इससे जनपद के 15 सौ से अधिक आउट ऑफ बच्चों को शिक्षा की मूल धारा से जोड़ा जा सकेगा।
छह वर्ष से 14 वर्ष की आयु तक वाले सभी बच्चों को शिक्षा की मूलधारा से जोड़ने के लिए सर्व शिक्षा अभियान कार्यक्रम के तहत स्कूल चलों अभियान चलाया जाता है। जिन बच्चों का किसी विद्यालय में नामांकन नहीं है, उन्हें चिह्नित कर नजदीक के प्राथमिक विद्यालय में उनका नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2011 के तहत प्रवेश दिलाया जाता है और कक्षा आठ तक मुफ्त में शिक्षा दिलाई जाती है। विगत दो अप्रैल से समस्त जनपदों में स्कूल चलो अभियान जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत हो गया है। इसी अभियान में अब बीटीसीज/डीएलएड कर रहे प्रशिक्षुओं की भागीदारी को अनिवार्य करते हुए पूरे प्रदेश में ‘एक प्रशिक्षु एक प्रवेश’ योजना लागू कर दी है। इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद निदेशक डॉ. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने विगत रोज पांच अप्रैल 2017 को शासनादेश भी जारी कर दिया है। इस योजना के तहत समस्त बीटीसी/डीएलएड प्रशिक्षु हर साल छह से 14 वर्ष की आयु वाले आउट ऑफ स्कूल बच्चों की तलाश कर नजदीक के प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश दिलाएगें। इसके साथ ही वह काउंसलर के तौर पर भी कार्य करेंगे, जिसके तहत वह बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए भी प्रेरित करेंगे। वहीं, परिषदीय विद्यालयों में शासन की ओर से मिलने वाले सुविधाओं जैसे नि:शुल्क यूनिफार्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे, स्वेटर, पाठ्य पुस्तक और दोपहर का खाना आदि योजनाओं के बारे में भी बताएंगे। इसका लाभ प्रशिक्षुओं को इंटर्नशिप के मूल्यांकन में मिलेगा। इस योजना को जनपद के डायट व निजी डीएलएड महाविद्यालयों में लागू कराने के लिए निदेशक द्वारा डायट प्राचार्य को आदेश भी जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि इस योजना को गत वर्ष लखनऊ के जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान में लागू किया था। इस योजना के अच्छे नतीजे आने के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने इसे नवीन सत्र से प्रदेश भर के सभी डायटों और निजी डीएलएड कॉलेजों में लागू कराने की बात कही थी। इसके क्रम में इस योजना को प्रदेश के सभी जनपदों में लागू कर दिया गया है।

इस सत्र में प्रशिक्षु कराएंगे दाखिला
वर्तमान में बीटीसी/डीएलएड के वर्ष 2015 और 2017 के बैच चल रहे हैं। वर्ष 2015 के बैच तक जनपद में बीटीसी के लिए डायट और तीन निजी कॉलेज थे, जिसमें कुल 332 प्रशिक्षु हैं। लेकिन वर्ष 2017 में जनपद में बीटीसी के निजी कॉलेजों की संख्या 12 पहुंच गई है। वर्ष 2017 बैच में जनपद में डायट व निजी कॉलेज मिलकर कुल 1,182 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस योजना के तहत यदि सभी प्रशिक्षु एक-एक आउट ऑफ स्कूल बच्चें का नामांकन कराते हैं, तो इस योजना से जरिये 1,514 ऑउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मूलधारा से जोड़ा जा सकेगा, जो स्कूल चलों अभियान में बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग का काम करेगा।

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