[lalitpur] - मंत्रीद्वय ने देखा गौवंश आश्रय स्थल, 5 हजार गौवंश को मिलेगा बसेरा

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पांच हजार गोवंश को मिलेगा बसेरा
ललितपुर।
प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जनपद के ग्राम कल्यानपुरा मे निर्माणाधीन गौवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस गौवंश आश्रय स्थल का लोकार्पण 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करकमलों द्वारा किया जाना है। इसमें गौवंश के लिए सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है।
जिले के प्रभारी मंत्री ने शुक्रवार कल्यानपुरा स्थित गौवंश आश्रय स्थल के निर्माण कार्यों की प्रगति जानी। जहां पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि उक्त आश्रय स्थल का कुल क्षेत्रफल 59.00 हेक्टेयर है, जिसमें से एक तिहाई भाग पर गौवंश आश्रय स्थल का निर्माण किया जा रहा है। दो तिहाई भाग पर गौवंश के लिए चारागाह विकसित किया जाएगा। इस गौवंश आश्रय में लगभग 5000 गौवंश के आश्रय की व्यवस्था के लिए गौवंश शेडों का निर्माण किया जाएगा। इसमें से प्रत्येक की लंबाई 66 फीट और चौड़ाई 26 फीट होगी। इस शेड में मेंजर (चरही) का भी निर्माण किया जाएगा। इस आश्रय में गोवंश के भूसा रखने के लिए एक भूसा गौदाम का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लंबाई 51 फीट और चौड़ाई 22 फीट होगी। यहां पर गौवंश को पानी पीने के लिए एक चरही का भी निर्माण किया जा रहा है। शुद्ध पेयजल के लिए एक पंप हाउस, बोरिंग, जेनेरेटर तथा सबमर्सिबल भी लगायी जाएगी, जिससे पानी की सप्लाई चरही तक पूर्ण रूप से हो सके। इस चारागाह से लगी हुई पानी की एक झील है, जिसमें वर्ष में लगभग 10 माह पानी रहता है। इसी झील से लगी चारागाह की भूमि पर तालाब खुदवाकर जल संरक्षण किया जाएगा, जिससे पशु लगभग 08 से 10 माह तक इस तालाब से पानी पी सकेंगे। गौवंश आश्रय के लिए चिह्नित चारागाह, जिसका क्षेत्रफल 59 हेक्टेयर है, में दो तिहाई हिस्से की मानसून में विभिन्न प्रकार की घास लगाई जाएगी, जो कि अन्जनी, धामन, दीनानाथ आदि विभिन्न प्रकार की किस्मों की होंगी। यह घास एक वर्ष में तैयार हो जाएगी, जिससे अन्ना गौवंश, चारागाह की घास को चरने के लिए स्वतंत्र होंगे। इसके साथ ही आश्रय स्थल में बाढ़बंदी के लिए करौंदा एवं नीबू के पेड़ चारो तरफ लगाये जायेंगे, जिससे वहां पर इन फलों का उत्पादन भी हो सकेगा, साथ ही कटीली झाड़िया होने के कारण पशुओं के लिए बाढ़बंदी का भी काम करेगा। इसके उपरान्त प्रभारी मंत्री ने निर्माणाधीन चरही, शैड, पम्प हाउस एवं भूसाघर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरान्त मा0 प्रभारी मंत्री ने वहां पर उपस्थित जनसमुदाय को भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि कल्यानपुरा गौवंश आश्रय स्थल भविष्य में एक मॉडल बनेगा, जिसमें पशु संरक्षण के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के फलों का उत्पादन भी किया जाएगा। कालान्तर में आगे चलकर यहां पर उन फलों की प्रोसेसिंग यूनिट भी लगायी जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि इस आश्रय स्थल में महुआ, बेल, नीम इत्यादि के वृक्ष लगवायें। उन्होंने कहा कि यहां पर उत्पादित होने वाले नीम के फलों का प्रयोग इफको (नीम लेपित यूरिया) बनाने में किया जायेगा। इसके साथ महुआ, करौंदा, अमरूद और नीबू इत्यादि फलों का उत्पादन कर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कुटीर उद्योगों की तर्ज पर प्रोसेसिंग यूनिट बनायी जायेंगी। इस अवसर पर जनसामान्य को सम्बोधित करते हुए सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने लोगों से इस पुण्य कार्य में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने का अनुरोध किया। इसके पेचात जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में बताया कि 11000 रूपए की सहयोग राशि देकर कोई भी व्यक्ति कल्यानपुरा गौवंश आश्रय समिति का आजीवन सदस्य बन सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि आजीवन सदस्यों के द्वारा जो धनराशि एकत्र की जाएगी उसके ब्याज से गौवंश आश्रय स्थल का रखरखाव एवं प्रबंधन किया जाएगा। कार्यक्रम में मंत्री श्रम एवं सेवायोजन मंत्री के पुत्र चन्द्रशेखर पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश सिंह लोधी, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, उप जिलाधिकारी सदर महेश प्रसाद दीक्षित, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य, अग्रणी बैंक प्रबंध एसके श्रीवास्तव, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चन्द्र राय सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम प्रधान कल्यानपुरा एवं विशाल जनसमूह उपस्थित रहा।

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