[nainital] - मांगों पर कुविवि प्रशासन और कर्मचारी आमने- सामने

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नैैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मांगों को लेकर हुईं वार्ताएं असफल रहने के बाद विवि के प्रशासनिक भवन के शिक्षणेत्तर कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए। हड़ताल में जाने से पहले ही विवि प्रशासन की ओर से नो वर्क नो पे का शासनादेश लागू कर दिया गया। इस बीच विवि प्रशासन और कर्मचारी संघ दोनों ही मांगों को लेकर हाइकोर्ट चले गए। हाइकोर्ट में अब मामले की सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। इस बीच संघ ने हाइकोर्ट के निर्देशों के बाद हड़ताल समाप्त कर दी है।

तय कार्यक्रम के मुताबिक शुक्रवार को हड़ताल के दौरान संगठन को सूचना मिली की कुविवि प्रशासन की ओर से हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करवाई गई, जिस पर विवि संघ ने भी कोर्ट में अपनी मांगों के क्रम में अधिवक्ता के माध्यम से अपना पक्ष प्रस्तुत किया। इस पर कोर्ट ने याचिका में कुविवि को कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए और सुनवाई के लिए अगली तारीख 16 अप्रैल तय की गई है।

इस दौरान ये निर्देश दिए की वर्तमान में विवि में चल रही परीक्षाओं को देखते हुए कर्मचारियों की ओर से चल रहा आंदोलन समाप्त किया जाए। संघ अध्यक्ष दीपक सिंह बिष्ट और सचिव नवल किशोर बिनवाल ने बताया कि हाइकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में विवि कर्मचारी संघ ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया हैं।

विवि प्रशासन के रवैये से कर्मी आहत: संघ

नैनीताल। कुविवि शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दीपक सिंह बिष्ट और सचिव नवल किशोर बिनवाल ने कहा कि विवि के इतिहास में पहली बार कर्मचारी आंदोलन के खिलाफ विवि प्रशासन ने नो वर्क नो पे और सुनियोजित तरीके से हाइकोर्ट में पीआईएल दायर कराने जैसे कृत्य किए हैं। कहा कि कर्मचारी ईमानदारी से विवि हित में काम करते है, लेकिन विवि प्रशासन के अड़ियल रवैये से कर्मचारी काफी आहत हैं।

प्रशासनिक भवन में संविदा व दैनिक वेतन भोगी कर्मियों ने संभाली कमान

नैनीताल। विवि के प्रशासनिक भवन में शुक्रवार को कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से जहां एक ओर विवि में काम के लिए आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर विवि के संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने काम किया। इस की पुष्टि विवि के प्रभारी कुलसचिव बीएस बिष्ट ने भी की।

डीएसबी में मांगों को लेकर दो गुटों में बंटे कर्मी

नैनीताल। कुविवि के डीएसबी परिसर में मांगों को लेकर परिसर के कर्मी शुक्रवार को दो गुटों में बंटे नजर आए। संगठन के सचिव गणेश सिंह बिष्ट के नेतृत्व में परिसर के कई कर्मियों ने गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। वहीं अन्य कर्मचारियों ने रोज की तरह काम किया।

इनको हुई परेशानी

ऊधमसिंह नगर निवासी दाताराम अपनी बेटी के प्रमाण पत्र सत्यापित करवाने विवि पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने कुविवि से 2005 में बीएससी किया था और अब उसे विदेश जाना है। कहा कि हड़ताल होने के कारण वह बेटी के प्रमाण पत्र सत्यापित नहीं करवा सके।

बीएससी नर्सिंग पास कर चुकी कवीता रावल अपनी मार्कशीट लेने के लिए अल्मोड़ा से नैनीताल पहुंची थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले अपनी मार्कशीट में सुधार के लिए आवेदन किया था, जिस पर 15 दिनों में सुधार कर देने के लिए कहा था। छात्रा ने बताया कि उनको नर्सिंग में रजिस्ट्रेशन के लिए देहरादून जाना था लेकिन मार्कशीट न मिलने के कारण अब उनको अल्मोड़ा वापस जाना पड़ेगा।

  • विवि प्रशासन और कर्मचारी संघ दोनों पहुंचे हाइकोर्ट, सुनवाई अब 16 को

  • हाइकोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारी ने समाप्त किया आंदोलन

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