[rampur] - वित्त मंत्रालय में लटकी अशोक विहार कालोनी की आपत्तियां

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अशोक विहार कालोनी के 91 बाशिंदों की आपत्ति वित्त मंत्रालय में लटक गई हैं। इन आपत्तियों का अभी तक कोई निस्तारण नहीं किया गया है,इससे कालोनी के बाशिंदो की धड़कनें बढ़ गई हैं।

सिविल लाइंस क्षेत्र में आगापुर के पास स्थित अशोक विहार और शहर में बजरिया हिम्मत खां में तीन माह पहले उस वक्त खलबली मच गई थी,जब वित्त मंत्रालय के आदेश पर प्रशासन ने अशोक विहार कालोनी और बजरिया हिम्मत खां में 125 लोगो को नोटिस जारी करते हुए उन्हें मकान खाली करने के आदेश थमा दिए थे।

इस आदेश के बाद अशोक विहार के लोग सड़कों पर उतर आए थे और कई दिन तक धरना-प्रदर्शन हुआ था। दरअसल शहर के मुहल्ला दो महला रोड निवासी शौकत अली को 41 साल पहले दिल्ली में ड्रग्स एक्ट के तहत पकड़ा गया था। शौकत अली पर कोर्ट ने जुर्माना डाला था। जुर्माना अदा न किए जाने पर कोर्ट ने वित्त मंत्रालय से जमीन कुर्क कराई थी।

शौकत अली की आगापुर रोड किनारे करीब सात बीघा जमीन थी, जिसे प्रशासन ने कुर्क कर लिया था, लेकिन बाद में उसकी देखरेख नहीं की गई। बाद में जेल से छूटे शौकत अली ने जमीन को अनाधिकृत तौर पर बेच दिया था। जमीन खरीदने वाले कैलाश अग्रवाल ने बाद में प्लाटिंग कर दी। अब कालोनी में 107 आलीशान मकान बने हैं।

अब वित्त मंत्रालय जमीन को खाली करना चाहता है। इसके लिए प्रशासन ने कालोनी के सभी 107 लोगों को एक माह में जमीन खाली करने को नोटिस दिया था, जिससे खलबली मच गई थी। कालोनी के लोग इलाहाबाद हाईकोर्ट गए थे, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली थी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक के सामने अपना पक्ष रखने को कहा था। इस पर कालोनी के 91 लोगों ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखा।

तहसील सदर में आपत्ति दाखिल की गईं, जिन्हें वित्त मंत्रालय को ही भेजा गया है। मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक इनकी सुनवाई कर निर्णय लेंगे लेकिन एक माह बाद भी अभी तक इन आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय ने इन आपत्तियों पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं की है,जिससे क्षेत्र के लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। लोगों का कहना है कि जल्द ही इस मामले का निस्तारण होना चाहिए।

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