[rohtak] - 36 एमएम बारिश से सड़कें और गलियां जलमग्न

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36 एमएम बारिश से सड़कें और गलियां जलमग्न
चरखी दादरी।
मौसम में अचानक परिवर्तन आने से शुक्रवार को करीब एक घंटे जिले में झमाझम बारिश हुई और इसके बाद रात करीब साढ़े सात बजे तक बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। तहसील कार्यालय में देर शाम करीब साढ़े छह बजे तक 36 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। अनाज मंड़ियों में तिरपाल की व्यवस्था न होने से जहां खुले आसमान के नीचे पड़ा सरसों, गेहूं और जौ भीग गया। वहीं खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। वही इस बारिश ने शहर की ठप सीवरेज व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश से शहर के नाले ओवरफ्लो हो गए और परशुराम चौक, बस स्टैंड के पिछली तरफ और घिकाड़ा रोड सहित छह कॉलोनियों में पानी भर गया। इसकी शाम तक भी निकासी नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार जिले में इस बार करीब 56 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की व 45 हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की बिजाई की गई है। सरसों के बाद अब गेहूं की भी मंड़ियों में आवक होने लगी है। चरखी दादरी अनाज मंडी में करीब 1000 क्विंटल की तो बौंदकलां खरीद केंद्र पर भी करीब 700 क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। मार्केटिंग बोर्ड सूत्रों की मानें तो जिले की मंड़ियों में करीब 3000 हजार क्विंटल अनाज बरसात के चलते भीगा है। मंडी में खरीद का कार्य भी बरसात के चलते प्रभावित रहा। शुक्रवार को मंडी में 1400 कुंतल सरसों की खरीद की गई। खरीदी गई सरसों को खरीद एजेंसी ने बारदानों में तो भर दिया है लेकिन अब तक उठान कार्य नहीं पूरा नहीं हुआ है।
उधर, मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो गई है। किसान टैक्टर-ट्राली के जरिए गेहूं की फसल लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। खरीद शुरू न होने से शुक्रवार को हजारों कुंतल गेहूं खुले में पड़ा था। बारिश आने पर खुले में रखा गेहूं और खरीदे हुए गेहूं व सरसों से भरे हजारों कट्टे भी बारिश में भीग गए। तेज बरसात से मंडी में भी ढेरियों के आसपास पानी जमा हो गया। हैफेड के क्षेत्रीय अधिकारी रामनारायण ने बताया कि बारिश से पहले खरीद कार्य सुचारु रूप से हुआ था। उसके बाद खरीद कार्य बाधित हो गया। उनका कहना है कि बारिश से कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। तिरपाल आदि से अनाज को ढक दिया गया था।
गेहूं की फसलों में पहुंचा नुकसान
इस समय किसान रबी की प्रमुख गेहूं की फसल की कटाई व कढ़ाई के कार्य में जुटे हुए थे लेकिन अब मौसम में खराबी आ जाने पर कटाई व कढ़ाई का कार्य भी कुछ दिन तक प्रभावित रहेगा। कई भागों में तेज हवा के झोंकों के साथ बारिश होने पर गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई जिससे फसलों में काफी नुकसान पहुंचा है। इस बार जिले में गेहूं का रकबा 54 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। रेतीले भागों में गेहूं की कटाई का कार्य जोरो पर शुरू हो गया था।
जिले के आसपास के भागों में हल्के बादल छाए गए थे और पूर्वी हवाओं का भी दवाब बना रहा। शुक्रवार दोपहर बाद शहर की दक्षिणा दिशा से आसमान में काले रंग की घटाएं छाई तथा हवा के झोंकों के साथ तुफानी बारिश होने लगी। अचानक हुई इस बारिश से शहर की सीवरेज लाइनें जवाब दे गई। बरसाती नाले ओवरफ्लो हो गए। बरसाती पानी सड़क पर जमा हो गया जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। शहर के नीचले भागों में बस्तियों में भी बरसाती पानी का जमाव हो गया। कोर्ट रोड, किला रोड, रोहतक रोड, बस स्टैंड रोड, मेन बाजार, जांगड़ा मार्केट ,नगर परिषद के आसपास की बस्ती, तिकोना पार्क, गांधी नगर मेन सड़क के अलावा अधिकतर भागों में बरसाती पानी का जमाव होने से आम लोगों व वाहन चालकों को आवागमन में खासी परेशानी हुई।

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