[roorkee] - अब मोबाइल बेस साफ्टवेयर से होगी बिलिंग

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रुड़की। बिजली बिल को लेकर आए दिन कहीं न कहीं हो रहे बवाल से ऊर्जा निगम को निजात मिलेगी। निगम ने दो अप्रैल से ‘मोबाइल बेस साफ्टवेयर’ से बिलिंग करने का काम शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से मीटर की फोटो खींचेगी, जिसे संबंधित अधिकारी अपने कार्यालय में अपने लॉग-इन से देख कर बिल की जांच कर सकता है। जरूरत पर उपभोक्ता को भी फोटो में मीटर रीडिंग और काटे गए बिल को दिखाया जा सकता है। यह साफ्टवेयर शहर और ग्रामीण डिवीजन में काम करेगा।
ऊर्जा निगम ने मीटर रीडिंग का काम निजी कंपनी को सौंपा हुआ है। कंपनी के मीटर रीडर घर-घर जाकर मीटर की रीडिंग देखकर उसे मशीन में फीड कर बिल बना रहे थे, लेकिन इस पर मीटर रीडरों के कामकाज पर सवाल उठाए जा रहे थे। कई जगह मीटर रीडरों पर ज्यादा रीडिंग दिखाने के आरोप लग रहे थे। हाल ही में देहरादून में एक मीटर रीडर पर रीडिंग से कम बिल बनाने को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप भवन मालिकों की ओर से लगाया गया था। उसके बाद ऊर्जा निगम मुख्यालय की ओर से उपनल के माध्यम से काम कर रहे युवक की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इससे पूर्व भी लोग रीडर की ओर से रीडिंग देखने के बाद रीडिंग लेने का विरोध कर चुके हैं। इन आरोपों से छुटकारा पाने के लिए ऊर्जा निगम अब मोबाइल बेस साफ्टवेयर के माध्यम में संबंधित मीटर की फोटो खींचेगी, उसके बाद साफ्टवेयर से उसका बिल बनाया जाएगा। मीटर रीडर की ओर से खींची गई फोटो ऊर्जा निगम के संबंधित अधिकारी भी अपने लॉग-इन से देख सकेंगे। फोटो में मीटर रीडिंग कितनी है साफ दिखाई देगी, उसके बाद उसकी उपभोक्ता को थमाए गए बिल से मिलान कराया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर ऊर्जा निगम संबंधित अपलोड फोटो उपभोक्ता को भी दिखा सकता है।


मोबाइल बेस साफ्टवेयर से दो अप्रैल से बिल बनाने का काम शुरू कर दिया है। अब उपभोक्ता मीटर रीडर के कामकाज पर सवाल नहीं उठा सकेंगे। संबंधित फोटो को ऊर्जा निगम के अधिकारी भी आसानी से देख सकेंगे।
अमित कुमार, डीजीएम ऊर्जा निगम रुड़की

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