[shamli] - चुनावी मुकाबला तो जाट और गुर्जर के बीच ही होगा

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शामली। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव को लेकर राजनीति की बिसात पर गोटियां बिछनी शुरू हो गई हैं। राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। खासकर भाजपा ने एकाएक पार्टी के दिग्गजों को कैराना क्षेत्र में उतार दिया है। पार्टियों ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं, लेकिन प्रत्याशियों को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही हैं, उससे इतना स्पष्ट है कि इस सीट पर चुनावी मुकाबले में गुर्जर और जाट बिरादरी के प्रत्याशी ही होंगे।
दरअसल, कैराना से पूर्व सांसद हुकुम सिंह का तीन फरवरी को निधन होने पर यह सीट खाली हो गई थी। सहानुभूति के तौर पर उनकी बेटी मृगांका सिंह को प्रबल दावेदार बताया जा रहा है, जो गुर्जर बिरादरी से हैं। उनको प्रत्याशी बनाने के साफ संकेत मिल रहे हैं लेकिन अभी पार्टी ने इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा की तरफ से गुर्जर बिरादरी का प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में होगा। वहीं, सपा और बसपा की बात करें, तो़ बसपा की तरफ से अभी कोई तैयारी नहीं दिख रही है। इस दशा में यदि समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी चुनाव लड़ता है, तो उसको लेकर भी मुस्लिम गुर्जर बिरादरी से पूर्व सांसद तबस्सुम हसन और एमएलसी वीरेंद्र सिंह गुर्जर का नाम प्रमुख बताया जा रहा है। यदि सपा ने जाट बिरादरी का प्रत्याशी उतारने पर विचार किया, तो उत्तर प्रदेश योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर सुधीर पंवार को प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
यह भी गौर करने वाली बात है कि यदि भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों में सपा और बसपा के साथ रालोद को गठबंधन में शामिल हुआ और कैराना लोकसभा सीट पर रालोद का प्रत्याशी लड़ाया जाता है, तो जाट बिरादरी का प्रत्याशी उतरना लाजिमी है। वहीं, कांग्रेस से सहारनपुर के इमरान मसूद के भी चुनाव मैदान में उतरने की अटकलें चल रही हैं। यह बात अलग है कि अभी तक कांग्रेस ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इससे इतना तो जाहिर है कि कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में अहम मुकाबला जाट बनाम गुर्जर होगा। हो सकता है कि भाजपा के गुर्जर प्रत्याशी के सामने सपा का मुस्लिम अथवा हिंदू गुर्जर प्रत्याशी उतारा जाए या फिर रालोद के गठबंधन में शामिल होने पर जाट बिरादरी का प्रत्याशी मुकाबले में होगा।
इस सीट पर जातीय समीकरण
कैराना लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें कैराना, थानाभवन और शामली के अलावा सहारनपुर जिले की नकुड़ और गंगोह विधानसभा सीट है। कैराना विधानसभा क्षेत्र गुर्जर बहुल है, जिसमें हिंदू गुर्जर के साथ ही मुस्लिम गुर्जर भी बड़ी संख्या में हैं। दूसरे नंबर पर दलित और कश्यप मतदाताओं की संख्या है। वहीं, शामली विस क्षेत्र में जाटों की बहुलता है, तो मुस्लिम और गुर्जर भी प्रभावी हैं। इसके बाद थानाभवन क्षेत्र में जाट, मुसलिम और ठाकुरों की संख्या काफी है। नकुड़ और गंगोह विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम, गुर्जर और दलितों की संख्या चुनाव परिणामों को प्रभावित करती है।

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