[yamuna-nagar] - रेलवे ट्रैक पर मिला बैंक कलर्क का शव, पत्नी ने घंटे भर पहले 12 किमी. दूरी से पति के अपहरण का लगाया आरोप

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रेलवे ट्रैक पर मिला बैंक क्लर्क का शव, धड़ से अलग थी गर्दन
शव मिलने से घंटेभर पहले पत्नी ने लगाया था अपहरण का आरोप, कहा- पूरे परिवार को जाना था अमृतसर
दोनों बच्चियों के गले पर थे दबाने के निशान, जीआरपी ने की धारा 174 की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। फर्कपुर फाटक और फर्कपुर पीर की मजार के बीच रेलवे ट्रैक पर शुक्रवार को उन्हेड़ी गांव निवासी एसबीआई बैंक क्लर्क राजेश कुमार उर्फ राजू (35) का शव क्षतविक्षत हालत में मिला। गर्दन धड़ से अलग थी। मृतक की पत्नी की ओर से शव मिलने से घंटेभर पहले मौके से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर पति का अपहरण होने का आरोप लगाया गया। उधर, पोस्टमार्टम के वक्त मौके पर पहुंचे मृतक के चाचा की ओर से ऐसे कोई बयान न देने पर जीआरपी ने 174 की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस पत्नी और अन्य परिजनों के भी बयान लेने की बात कह रही है। फिलहाल यह मामला हत्या, आत्महत्या या फिर हादसे की गुत्थी में उलझी हुई है।
बिलासपुर के गांव छोली निवासी परविंद्र कौर उर्फ रितू ने बताया कि उसकी शादी गांव उन्हेड़ी के राजेश कुमार से दिसंबर 2014 में हुई थी। वह जगाधरी बस स्टैंड स्थित एसबीआई बैंक में क्लर्क थे। राजेश ने अभी गोल्डन टैंपल, अमृतसर घुमाने के लिए चार दिन की छुट्टियां ली थीं। वह वीरवार शाम को ड्यूटी खत्म कर घर आए तो अमृतसर जाने के लिए बाइक से मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन के लिए घर से रवाना हुए थे। उनके साथ वह और उनकी ढाई साल की बेटी गुरप्रीत व सात माह की बेटी यशप्रीत भी थी। वह रात दस बजे मुस्तफाबाद स्टेशन पहुंचे, लेकिन उस वक्त चंडीगढ़ जाने के लिए कोई ट्रेन नहीं थी, इसलिए वह पास में गांव नगली खेड़ा में राजेश के मामा के घर चले गए। उन्होंने यहीं रात काटी और शुक्रवार अलसुबह तीन बजे वह चारों नगली खेड़ा से बाइक पर वापस अपने घर (उन्हेड़ी) के लिए निकले। इसी दौरान गांव खंडवा के पास करीब चार बजे उसे चक्कर आ गए। इसके बाद उसके पति राजेश कुमार ने बाइक सड़क किनारे रोक ली। आरोप है कि इस दौरान किसी अज्ञात ने पीछे से उसे धक्का देकर गिराया और उन पर मिट्टी डाली। धक्का देने से नीचे गिरकर वह बेहोश हो गई। इसके कुछ देर बाद जब उसे होश आया तो उसके पति राजेश वहां नहीं थे, जबकि मौके पर बाइक गिरी हुई थी। साथ ही बड़ी बेटी गुरप्रीत के गले पर किसी द्वारा दबाने के निशान थे। उन्होंने आसपास के राहगीरों की मदद से घटना के बारे में थाना सदर यमुनानगर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद राजेश का शव गांधीनगर फाटक व फर्कपुर फाटक के बीच पीर की मजार के पास रेलवे ट्रैक पर मिलने की सूचना मिली।

मामा से साढ़े छह बजे तक हुई राजेश की फोन पर बात
राजेश के मामा जोगिंद्र ने बताया कि सुबह करीब साढ़े छह बजे तक उनकी राजेश से फोन पर बात हुई। इसके थोड़ी देर बाद उसका फोन बंद हो गया। बाद में उन्हें पता चला कि किसी व्यक्ति का शव फर्कपुर फाटक व गांधीनगर के बीच रेलवे ट्रक पर पड़ा है। उन्होंने जाकर शव की शिनाख्त की।

पत्नी समेत अन्य परिजनों के बयान होने बाकी
जीआरपी थाना (यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन) से हेड कांस्टेबल जयदेव ने बताया कि शुक्रवार सुबह सात बजे स्टेशन मास्टर से मीमो आई। ट्रेन के गार्ड सुशील ने बताया कि गांधीनगर फाटक व फर्कपुर में पीर बाबा की मजार के बीच ट्रैक पर एक शव पड़ा है। सूचना पाते ही शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त कर मृतक के चाचा जीता राम के बयान पर 174 की कार्रवाई कर परिजनों को सौंप दिया। पत्नी समेत अन्य परिजनों के बयान होने बाकी हैं। फिलहाल परिजनों ने मामले में कोई आरोप नहीं लगाए हैं।

पूरे घटनाक्रम को लेकर ये उठ रहे सवाल
पत्नी ने पति के अपहरण होने का आरोप लगाया, पर परिजनों ने पुलिस को ऐसे कोई बयान क्यों नहीं दिए? पत्नी के आरोप के मुताबिक वह लोग कौन हैं और उनसे क्या रंजिश थी, जिन्होंने घटना को अंजाम दिया? संखेड़ा में जिस स्थान पर राजेश की बाइक थी, उससे करीब 12 किलीमीटर दूर उसका शव मिला। मौके पर धड़ से गर्दन अलग थी। ऐसे में मामला हत्या, आत्महत्या या फिर हादसा है।
फोटो- 35 से 40

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