[allahabad] - कुंभ ऐतिहासिक-सांस्कृतिक वैभव की दुनिया कायल

  |   Allahabadnews

कुंभ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि,सांस्कृतिक, धार्मिक वैभव के बखान के साथ गंगा की अविरलता, निर्मलता और नदी पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर शुक्रवार को विस्तार से रोशनी डाली गई। संतों, इतिहासविदों, चिंतकों के साथ पड़ोसी देश नेपाल, श्रीलंका और अफगानिस्तान से आए प्रतिनिधियों ने भी कुंभ के वैचारिक चिंतन के प्रवाह को आगे बढ़ाया। कुंभ कांक्लेव के दूसरे दिन सुबह से शाम तक लंबे मंथन के बाद प्रयाग के सांस्कृतिक गौरव को दुनिया के सामने अनूठे अंदाज में पेश करने की रूपरेखा पर समग्र दृष्टि डाली गई।

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रीतम दास प्रेक्षागृह में कुंभ कांक्लेव का दूसरा दिन सात सत्रों में चला। शुरुआत सुबह 8:30 बजे कुंभ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर वैचारिक मंथन से हुई। इसमें परमार्थ निकेतन हरिद्वार के स्वामी चिदानंद मुनि ने कुंभ की ऐतिहासिकता और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने गंगा, यमुना, सरस्वती के संगम पर होने वाले कुंभ की महिमा बताई। इविवि के इतिहासकार प्रो. डीपी दुबे ने कुंभ के ऐतिहासिक पहलुओं से लोगों को जोड़ा। इस सत्र में प्रमुख सलाहकार वित्त संजीव सान्याल, डॉ. भगवत शरण शुक्ल, डॉ. इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक डॉ. सुनील गुप्ता, बांग्लादेश इंडीपेंडेंट यूनिवर्सिटी ढाका के डॉ महबूब आलम ने अपने विचार व्यक्त किए।...

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/wNl8pQAA

📲 Get Allahabad News on Whatsapp 💬