[katni] - बाघिन का संघर्ष ऐसा कि मुश्किल में इंसान भी लेते हैं सीख

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राघवेंद्र चतुर्वेदी कटनी. पांच माह की ही थी, जब माँ चल बसी। 5 अगस्त 2014 को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हमेशा चर्चाओं में रहने वाली बाघिन कनकटी ने अपने तीन शावकों के भोजन के लिए चीतल का शिकार किया। शावक चीतल का भोजन ले ही रहे थे कि तभी दूसरे बाघ ने इस पूरे परिवार पर हमला कर दिया। कुनबे पर बाघ का हमला देख कनकटी बाघिन ने बच्चों की जान बचाने पूरी कोशिश की। बाघिन सीधे उस बाघ पर ही टूट पड़ी जो उसके बच्चों का जान लेने पर अमादा था। कनकटी बाघिन ने हिम्मत नहीं हारी और बच्चों की रक्षा के लिए लगातार बाघ से संघर्ष करती रही। फिर भी बाघ तो बाघ ही है। कनकटी बाघिन और बाघ के बीच चार घंटे से ज्यादा समय तक संघर्ष चला। इस बीच जैसे बाघ को मौका मिलता व शावकों पर टूट पड़ता। बाघ के हमले से दो शावकों की मौत हो गई और बच्चों की जान बचाते-बचाते कनकटी बाघिन ने भी दम तोड़ दिया। शाम से शुरु हुई लड़ाई रात तक चली।...

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