[kotdwar] - केंद्र के नियमों के विरोध में कोटद्वार में बंद रहे प्राइवेट क्लीनिक

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कोटद्वार। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आवाह्न पर केंद्र सरकार की मेडिकल क्षेत्र के लिए जारी की गई गाइड लाइन के विरोध में कोटद्वार और निकटवर्ती क्षेत्रों के प्राइवेट क्लीनिक संचालकों ने एक दिन की हड़ताल की। उन्होंने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर केंद्र के निर्णय पर एक बार फिर से विचार करने की मांग की।

शनिवार को आईएमए की कोटद्वार शाखा सचिव डॉ. अनुपम काला के नेतृत्व में प्राइवेट क्लीनिक संचालक कोटद्वार तहसील पहुंचे। उन्होंने केंद्र की ओर से जारी किए गए नियमों के विरोध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कमलेश मेहता को सौंपा। इस दौरान डॉक्टरों ने केंद्र सरकार की ओर से जारी नियमों को जन विरोधी और छोटे प्राइवेट क्लीनिक संचालकों के साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। कहा कि केंद्र ने मेडिकल परीक्षा में प्रवेश के लिए नीट अनिवार्य किया है, लेकिन साथ ही प्राइवेट मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की फीस 30 लाख रुपये कर दी है। इससे कुछ नंबरों से सरकारी कॉलेजों में प्रवेश से वंचित रह गए एससी, एसटी और गरीब परिवार के बच्चों का डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं हो सकता है। दूसरी तरफ सरकार हाईस्कूल पास युवाओं को छह महीने का ब्रिज कोर्स कराने के बाद दवाएं देने का लाइसेंस दे रही है, जो कि लोगों के जीवन से खिलवाड़ जैसा है।इस अवसर पर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डॉ. राजकुमार बिज, डॉ. विजय मैठाणी, डॉ. दीपक रस्तोगी, डॉ. भूपेंद्र अग्रवाल, डॉ. वीके शर्मा, डॉ. मनोज अग्रवाल आदि मौजूद थे।

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