[kotdwar] - धुमाकोट क्षेत्र में 15 रूटों पर 40 बस सेवाएं ठप

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धुमाकोट। धुमाकोट बस दुर्घटना के बाद लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं लेे रही है। शासन-प्रशासन ने समस्याओं का अध्ययन किए बगैर तुगलकी फरमान जारी कर दिया। इससे 20 जुलाई से क्षेत्र में संचालित होने वाली निजी बस संचालकों की हड़ताल जारी है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

गत एक जुलाई को धुमाकोट में सड़क पर पड़े गड्ढे और ओवरलोडिंग के चलते बस हादसा हो गया था। हादसे में 48 लोगों की मौत हो गई थी। तब से प्रशासन ओवरलोडिंग पर सख्त रवौया अपनाए है। बस संचालकों का कहना है कि निर्धारित सीट से एक भी सीट अधिक बैठाने पर चालान कर दिया जाता है। मां की गोद में बैठे 6 माह के बच्चे को भी एक सीट मानकर गिना जा रहा है। इससे गढवाल, कुमायूं और रामनगर से संचालित बस सेवाएं हड़ताल के चलते बंद हैं। अकेले रामनगर से धुमाकोट, बैजरौ, पौड़ी आदि के लिए लगभग 15 रूट पर करीब 40 से अधिक बस सेवाएं बंद पड़ी हैं। ब्लॉक प्रमुख रश्मि पटवाल और युवा बेरोजगार संगठन के संयोजक मनीष सुंद्रियाल का कहना है कि आम लोगों के लिए तो मात्र बस ही यातायात का साधन हैं। उनका यह साधन बंद होने से लोग परेशान हैं। ...

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