[lalitpur] - अदालत: हत्या में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास

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हत्या में दो सगे भाइयों को उम्रकैद

ललितपुर। तालबेहट कोतवाली के असऊपुर गांव में छह साल पहले गोली मारकर की गई हत्या के मामले में अपर जिला और सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय अजय पाल सिंह की अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने बताया कि तालबेहट के असऊपुरा गांव निवासी संतोष कुमार अहिरवार पुत्र पर्वत लाल ने नौ अप्रैल 2012 को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आठ अप्रैल की रात आठ बजे वह अपने भाई लखन और गांव निवासी राहुल पुत्र सुंदलाल के साथ खेत पर थ्रेसिंग करने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान खेत पर ट्रैक्टर खड़ा कर वह पानी के लिए अपने चाचा राजाराम के मकान के सामने लगे सरकारी हैंडपंप पर पहुंचे। यहीं, रोड पर गांव के ही बृजलाल पुत्र हरीराम अपने भाई भोलेराम के साथ हाथों में तमंचा लेकर खड़ा हुआ था। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उसके भाई लखन पर तमंचे से फायर कर दिया। इससे लखन खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। मरणासन्न हालत में उसे जिला अस्पताल लाए जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पीड़ित ने बताया कि घटना के 15 दिन पहले लखन का बृजलाल के साथ शराब पीने के दौरान विवाद हुआ था। इससे रंजिश मानते हुए बृजलाल और भोलेराम ने हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और खून के नमूने लिए। वहीं, शहर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 13 अप्रैल को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस को आरोपी बृजलाल के पास से 315 बोर का तमंचा और दो खोखा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने बृजलाल पर आयुध अधिनियम का भी मुकदमा दर्ज किया। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर से गोली के निशान मिले। इसमें एक सीने में और एक गोली गर्दन पर पीछे की ओर से भागते समय लगी थी। शनिवार को अपर जिला और सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय अजय पाल सिंह की अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोनो भाइयों को हत्या के आरोप में दोषी मानते हुए पाया कि बृजलाल ने गोली मारी थी और भोलेराम ने उसे गोली मारने के लिए उकसाया था। अदालत ने दोनो भाइयों को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, बृजलाल को आयुध अधिनियम के तहत भी दोषी पाते हुए तीन साल की सजा और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। आरोपी बृजलाल घटना के समय से ही जेल में बंद है और भोलेराम जमानत पर था।

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