[ratlam] - गांव से निकले होनहार फिर लौटकर एेसा क्या कर रहें, जो सराहा पढें...

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रतलाम। शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित बोरदां गांव में यहां से पढ़ लिखकर काबिल बने युवाओं ने अपने गांव में होनहार बच्चों को संबल देने के लिए एकलव्य शिक्षा समिति का गठन कर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में हर एक मदद देने का सार्थक कदम आगे बढ़ाया है। अधिकांश गांव से निकलने के बाद युवा शहर की चकाचौंध में इस कदर खो जाता है कि वह गांव से नाता ही तोड़ लेता है। लेकिन इन युवाओं की सार्थक पहल को हर एक ने सराहा है। वहीं इस दौरान विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया।

समिति के अध्यक्ष डॉ. भरत निनामा ने बताया कि वह जिले के छोटे से बोरदां गांव में जन्मे और शासकीय विद्यालय से पढ़ाई कर उत्कर्ष स्कूल में दाखिला लेने के बाद अपने गुरुजनों के सहयोग से आर्थोसर्जन चिकित्सक बने हैं। वह चाहते है कि गांव का हर होनहार बच्चा गरीबी के कारण शिक्षा से दूर न हो। इसी सार्थक सोच के साथ गांव से पढ़ लिखकर कुछ बने युवा वर्ग ने एकलव्य शिक्षा समिति बनाकर गांव के बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में शनिवार को गांव में दो प्राथमिक व एक उच्च प्राथमिक शासकीय स्कूलों के बच्चों को एकत्रित किया और उनके अभिभावको को भी बुलाकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत समझाइश दी गई कि बच्चों को स्कूल जाने से न रोके। उन्हें अगर पढ़ाने में दिक्कत आ रही है तो समिति के पदाधिकारी से मिले है। किसी भी प्रकार की समस्या है दूर की जाएगी। शिक्षा से बच्चों को वंचित न रखे।...

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