[ujjain] - हेपेटाइटिस वायरस का खतरा, जानकारी के अभाव में बढ़ रहे मरीज

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उज्जैन. वायरस के जरिए फैलने वाली बीमारी हेपेटाइटिस एक बेहद गंभीर बीमारी है, लेकिन जागरुकता के अभाव में अब भी इसके मरीज सामने आ रहे हैं। चिंताजनक बात तो ये है कि जागरुकता के अभाव में हेपेटाइटिस के अब भी १०० में से ६ मरीज सामने आ रहे हैं, जबकि इसके लिए वैक्सीन बाजार में आसानी से उपलब्ध है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर इसके लिए सलाह जारी करता रहता है।

वायरस के जरिए चार प्रकार का हेपेटाइटिस फैलता है। हेपेटाइटिस ए, बी, सी और डी चार प्रकार का हेपेटाइटिस होता है। जिनमें सबसे खतरनाक हेपेटाइटिस बी होता है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ.जितेंद्र शर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी एक बेहद गंभीर बीमारी है। इसकी जानकारी ही बचाव है। यदि एक बार किसी को हेपेटाइटिस बी हो गया तो फिर वह खत्म नहीं होता। उपचार के जरिए उसे फैलने मात्र से बचाया जा सकता है। इसलिए इससे बचाव के लिए समय-समय पर वैक्सिनेशन करवाते रहना चाहिए। ये शारीरिक संबंध, निडिल टू निडिल और ऑपरेशन के दौरान इंफेक्शन से फैलता है। इसमें मरीज का लीवर बेहद कमजोर हो जाता है। जिस वजह से उसे सुस्ती ,कमजोरी, भूख न लगना, भोजन न पचना, वजन कम होना, नींद कम आना, अम्लता आदि समस्याएं रहती है। इससे बचाव के लिए आजकल जन्म से ही टीकाकरण किया जाने लगा है। इसके अलावा निजी तौर पर भी इसका वैक्सिनेशन करवाया जा सकता है। शून्य, एक महीने और छठे महीने में इसके तीन इंजेक्शन लगते हैं। हर पांच वर्ष में इसका वैक्सिनशन करवाना चाहिए।...

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