[allahabad] - गंगा-यमुना में उफान, कछारी इलाकों में चिंता

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गंगा-यमुना के जलस्तर में सोमवार को तेज गति से वृद्धि शुरू हो गई। मध्यप्रदेश में केन में उफान के बाद जहां यमुना का जल दबाव बढ़ गया है, वहीं पहाड़ों पर बारिश और बांधों से लगातार भारी जल गंगा में छोड़े जाने की वजह से उसके जलस्तर में तेजी आने लगी है। संगम तट के अलावा अन्य घाटों से पुरोहितों ने चौकियों को पीछे करना शुरू कर दिया है। कछारी इलाकों में चिंता बढ़ गई है। बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।

पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में केन उफना गई है। केन के पानी से यमुना के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है। 24 घंटे के दौरान नैनी में यमुना का जलस्तर 48 सेंमी बढ़ने से कछारी इलाकों के लोग चिंतित हो गए हैं। रविवार को यमुना का जलस्तर यहां 77.24 सेंमी रिकार्ड किया गया था, जो सोमवार को बढ़कर 77.72 मीटर पर पहुंच गया। यमुना के जलस्तर में दो सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। इसी तरह छतनाग में गंगा का जलस्तर भी 24 घंटे में 41 सेेंमी बढ़ गया। रविवार को यहां गंगा का जलस्तर 76. 70 सेंमी था, लेकिन इस दिन 77.11 मीटर पर पहुंच गया है। फाफामऊ में गंगा तीन सेंमी की वृद्धि के साथ 79.45 मीटर पर बह रही है। उधर, बांधों से भी लगातार गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को हरिद्वार, नरौरा और कानपुर से 5.77 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। इसमें हरिद्वार से 66,494 क्यूसेक, नरौरा से 1,71,792 क्यूसेक और कानपुर बैराज से 3,39,060 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया।

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