[alwar] - बाघ बचाने को अब सरिस्का में दिन-रात कराएंगे मॉनिटरिंग

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सरिस्का में वर्तमान में 12 टाइगर एवं 2 शावक हैं। वहीं एक बाघिन गायब है। बाघों के कुनबे में और कमी नहीं आए, इस कारण सरिस्का प्रशासन ने बाघों की मॉनिटरिंग व्यवस्था को और चुस्त दुरुस्त करने की योजना तैयार की है। योजना के मुताबिक अब हर टाइगर की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए तीन पारियों में तीन अलग-अलग टीम काम करेगी। एक टीम में एक प्रशिक्षित कर्मचारी के साथ एक वन गार्ड होगा। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के प्रयास शुरू किए गए हैं।

कर्मचारियों की ज्यादा जरूरत होगी

टाइगर की दिन रात मॉनिटरिंग व्यवस्था शुरू करने में वनकर्मियों की कमी सबसे बड़ी परेशानी है। सरिस्का में वर्तमान बाघों के हिसाब से करीब 42 प्रशिक्षित व 42 ही वनकर्मियों की जरूरत होगी। वहीं कुछ कर्मचारी एवजी भी रखना जरूरी होगा। जबकि वर्तमान में 12 प्रशिक्षित और 12 वनकर्मियों से काम चलाया जा रहा है। सरिस्का में वर्तमान में 102 बीटों पर करीब 105 वनकर्मी है। इनमें भी एक तिहाई महिला वनकर्मी है, जिनमें से ज्यादातर कार्यालय में वायरलैस एवं अन्य कार्यों पर लगाई हुई हैं। यानि करीब 70 वनकर्मी फील्ड ड्यूटी पर तैनात हैं। इनमें भी यदि 42 से ज्यादा बाघों की मॉनिटरिंग पर लगा दिए तो जंगल व वन्यजीवों की सुरक्षा में संकट खड़ा हो सकता है। यही सरिस्का प्रशासन की बड़ी परेशानी है।...

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