[ambala] - न माइक्रोचिपिंग न ही टैगिंग, कैसे होगी पशुओं सही गनना

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न माइक्रोचिपिंग न ही टैगिंग, कैसे होगी पशुओं की सही गणना

अंबाला सिटी। लावारिस पशु ट्विन सिटी के लोगों के लिए परेशानी बनते जा रहे हैं। निगम अदालत में दो माह में ट्विन सिटी को पशु मुक्त करने के दावे तो कर रहा है, मगर हकीकत इससे कोसों दूर है। आलम यह है कि निगम के पास न तो कोई ठोस योजना है और न ही सही नीयत। न ही निगम के पास पशुओं की संख्या को लेकर कोई सटीक जानकारी है, चाहे वह लावारिस पशु हों या फिर पालतू। पशु मुक्त ट्विन सिटी का सपना तब तक साकार नहीं हो सकता जब तक डेयरियां ट्विन सिटी से बाहर शिफ्ट न हों। ऐसे में नगर निगम के दावों पर ही बड़ा संशय बरकरार है। विकास कार्यों का दावा करने वाली सरकार अंबाला में अब तक ट्विन सिटी को इस गंभीर समस्या से छुटकारा तक नहीं दिला सकी है। बता दें कि पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में वकीलों की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निगम कमिश्नर को गत दिनों तलब किया था, मगर कमिश्नर के स्थान पर प्रस्तुत हुए दो निगम इंस्पेक्टरों ने लावारिस पशु मुक्त अंबाला करने के लिए दो माह का समय कोर्ट से मांगा था।...

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