[barabanki] - कटान में बह गए कंचनापुर गांव के चार मकान

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एक माह से घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। 24 घंटे के भीतर 5 लाख 86 हजार क्यूसेक पानी नेपाल से छोड़े जाने के बाद घाघरा अब तक सबसे अधिक खतरे के निशान से 85 सेेमी ऊपर बह रही है। इसका असर जिले की तीन विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों की करीब एक लाख की आबादी बेघर हो गई है। हालात दिनों दिन बिगड़ते जा रहे हैं। प्रशासन का दावा और सहायता ऊंट के मुंह का जीरा साबित हो रही है।

एक माह में कहीं एक बार तो कहीं दो बार ही राहत सामग्री तो दी गई है। तराई में लगातार हो रही बारिश से तटबंध पर पन्नी के भीतर या घरों की छतों पर जीवन यापन करने वाले बाढ़ पीड़ितों को एक जून की रोटी भी ठीक से नसीब नहीं है। वहीं सूरतगंज क्षेत्र के कंचनापुर गांव के निकट नदी तेजी से कटान कर रही है जिसमें चार बाढ़ पीड़ितों के मकान नदी में बह गए।...

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