[bemetara] - एक दूसरे के कान में भोजली लगा ऐसा क्या कहा कि बन गया जीवनभर का रिश्ता

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साजा-बोरतरा. बोरतरा में वर्ष 2002 से मनाए जा रहे भोजली महोत्सव की परंपरा को गांव के लोधी समाज ने जीवित कर रखा है। इसी कड़ी में सोमवार को उत्साह के साथ भोजली मनाया गया। महोत्सव को देखने के लिए आसपास से लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। त्योहार में सभी वर्ग व समुदायों के लोगों की भागीदारी रही।

सदियों से मनाते आ रहे हैं भोजली पर्व

छत्तीसगढ़ में सदियों से भोजली का पर्व मनाते आ रहे हैं, लेकिन बोरतरा में इस उत्सव का शुभारंभ सन 2002 में स्व. महावीर जंघेल ने किया था, जो आज भी धूमधाम से मनाया जाता है। साजा ब्लॉक में बोरतरा ही ऐसा जगह है, जहां भोजली महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर भोजली माता की पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा निकाली गई, जो गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए कर्रा नदी तक पहुंची, जहां भोजली को विसर्जन किया गया।...

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