[bhilai] - क्या आपको बता है, अपने ही तेल, कपड़े और मशाल से रावण ने जलाई थी लंका

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भिलाई . स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में हिन्दी विभाग ने गोस्वामी तुलसीदास की स्मृति में दोहा लेखन व भजन गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रीय वाइलिन वादक कीर्ति व्यास थे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने की। निर्णायक के रूप में नीलम गांधी, (विभागाध्यक्ष, वाणिज्य) कृष्णकांत दुबे, (विभागाध्यक्ष कंप्यूटर) आरती गुप्ता, (विभागाध्यक्ष, प्रबंधन) उपस्थित हुई।

रामराज्य की कल्पना और तुलसीदास

कार्यक्रम की संयोजिका सुनीता वर्मा, विभागाध्यक्ष हिन्दी ने कहा कि तुलसी की रचनाएं आज भी प्रासंगिक है, आज लोकतंत्र में संकट, भष्ट्राचार और भाई-भतीजावाद का बोलबाला है। हमारे राजनेता ही अन्याय से शासन प्रणाली को आगे बढ़ाते है तब तुलसी के रामराज्य की कल्पना सार्थक हो उठती है, क्योंकि तुलसी के अनुसार राजा को जनप्रिय व प्रजापालक होना चाहिए। कीर्ति व्यास ने कहा, जहां भी सीखने का मौका मिले उसे सीखना चाहिए। आपने मंच पर खड़े होकर गाने का साहस किया यह महत्वपूर्ण है। आज के दौर में 80 से 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को तुलसी के जन्म के बारे में नहीं पता, ऐसे में तुलसी की स्मृति में भजन प्रतियोगिता का आयोजन सराहनीय है।...

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