[kota] - मौत के बाद अपने ही घर में अंतिम संस्कार करने पर मजबूर है ये समाज - वजह जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

  |   Kotanews

कोटा.

सत्तावन साल के प्रभुनाथ पिछले बीस साल से बोरखेड़ा में अपने मकान में रह रहे थे। जब उनकी मौत हुई तो शहरभर में कहीं उन्हें अंतिम संस्कार की जगह नहीं मिली, नतीजा उन्होंने घर के जिस आंगन में अपनी उम्र के काफी साल बिताए, उसी आंगन में उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा, वहीं उनके परिवार ने उनकी समाधि बनाई। प्रभुनाथ ऐसे अकेले शख्स नहीं हैं। कोटा में शहर में रहने वाले नाथ योगी समाज के अधिकांश घरों में उनके परिजनों का अंतिम संस्कार मजबूरी बन गया है। ऐसे घरों के आंगन में उनके पूर्वजों की समाधियां देखी जा सकती हैं। जिन घरों में आंगन नहीं हैं अथवा आंगन में समाधियां बन चुकी हैं। उन घरों में कमरों में अंतिम संस्कार कर समाधियां बनानी पड़ रही हैं।...

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/pU9ltAAA

📲 Get Kota News on Whatsapp 💬