[kotdwar] - राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से पर्वतीय क्षेत्र में गहराया खाद्यान्न संकट

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दुगड्डा/लैंसडौंन/सतपुली। नेशनल हाईवे के दुगड्डा और कोटद्वार के मध्य बाधित होने से गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्र में फल, सब्जी और दूध की आपूर्ति ठप हो गई है। तीन दिन से गढ़वाल के बाजारों में रोजमर्रा की वस्तुएं और अखबार तक नहीं जा पा रहे हैं। सड़क बंद होने से बीमार और गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए पौड़ी और श्रीनगर के अस्पतालों को ले जाना पड़ रहा है।

कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे पौड़ी गढ़वाल जिले की लाइफ लाइन है और दुगड्डा गढ़वाल का चौराहा। कोटद्वार से दुगड्डा के बीच सड़क बाधित होने से गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर के मुख्यालय लैंसडौन, जयहरीखाल, दुगड्डा, यमकेश्वर, रिखणीखाल, नैनीडांडा, धुमाकोट, बीरोंखाल, थलीसैंण, कल्जीखाल, चौबट्टाखाल, एकेश्वर और पोखड़ा के लोगों की जिंदगी थम गई है। इन क्षेत्रों में कोटद्वार से ही सभी रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं सप्लाई की जाती हैं। सड़क बंद होने से इन बाजारों में दूध और अखबार तक की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गंभीर रूप से अस्वस्थ लोग और गर्भवती महिलाओं को जांच व प्रसव के लिए कोटद्वार बेस अस्पताल व अन्य हायर सेंटर पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा है। एक मात्र पीएचसी दुगड्डा में लोगों को उपचार की वैकल्पिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन गंभीर रोगियों को यहां से भी ऋषिकेश, पौड़ी और श्रीनगर भेजना पड़ रहा है। दुकानों में राशन भी नाम मात्र का रह गया है। फल और सब्जियों का भी टोटा बन गया है। मार्ग बंद होने से सोमवार को भी पर्वतीय क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों के नहीं पहुंचने से पठन-पाठन प्रभावित रहा। सरकारी विभागों के कार्यालयों में भी अधिकारी, कर्मचारियों की संख्या कम ही रही। सेना में भर्ती हुए युवाओं को 27 अगस्त को लैंसडौन में हाजिर होना था, लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने के कारण उनको रामड़ी-पुलिंडा मार्ग से दुगड्डा मार्ग पर पैदल आवाजाही के लिए मजबूर होना पड़ा।

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