[mandsaur] - रेतम बैराज से नहीं, नालो के पानी से आई थी नीमच क्षेत्र में बाढ़- किसने कहीं यह बात

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मंदसौर.

विगत दिवस बाढ़ के दौरान नीमच क्षेत्र के कई गांवो में पानी घुसा था। इसके कारण गांवो के कई घर जलमग्न हो गए थे। इस मामले में जल संसाधन विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि रैतम बैराज के गेट खोलने से पूर्व सभी संबंधित अधिकारियों व ग्रामों में सूचना भेज दी गई थी। बाढ़ का कारण रेतम बैराज के गेट खुलना नहीं था बल्कि नालों में आई बाढ़ था। उल्लेखनीय है कि मल्हारगढ़ तहसील क्षेत्र में २४ घंटे में ७.५ इंच से अधिक बारिश हुई थी। इससे नदी व नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। जलस्तर बढऩे के कारण नीमच के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हुई थी। लेकिन अधिकारियों के अनुसार बाढ़ का कारण रेतम बैराज से पानी छोडऩा नहीं बल्कि नालों का जलस्तर बढऩा था। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री टीके परमार ने बताया कि रेतम बैराज के गेट खोलने से पूर्व सभी संबंधित अधिकारियों को विधिवत सूचना दी गई थी एवं गेट खोलने से पूर्व बैराज के नीचे नदी के किनारों के ग्रामों में भी सूचना दे दी गई थी। साथ ही जिन ग्रामों में पानी भरने के समाचार पत्रों में आए थे। वे ग्राम रेतम की बाढ़ से प्रभावित नहीं होते हैं। क्षेत्र में भारी वर्षा होने के कारण इन ग्रामों के पास से गुजरने वाले नालों में भारी बाढ़ आ गई थी। इसके कारण कुछ क्षेत्रों में जल प्लवित हुआ। जिन क्षेत्रों में पानी भराव हुआ उनमें रेतम बैराज से छोड़ा गया पानी नहीं था। रेतम बैराज के गेटों को योजनाबद्ध तकनीकी तरीके से खोलने की प्रक्रिया पूर्व से ही प्रचलित है।...

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