[narsinghpur] - कई असाध्य बीमारियों के लिए इलाज है संगीत

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कई असाध्य बीमारियों के लिए इलाज है संगीत

मुकेश संध्या पर नगर के कलाकारों का हुआ सम्मान,कार्यक्रम में गूंजे मुकेश के नगमें

करेली- नटराज म्यूजिकल ग्रुप द्वारा पाश्र्वगायक मुकेश की पुण्य तिथि पर संगीत प्रेमियों द्वारा मुकेश संध्या का आयोजन पंडित दीनदयाल सभागार में किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मॉ सरस्वती एवं मुकेश के चित्र के समक्ष अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कजलियॉं मिलन का कार्यक्रम भी सम्पन्न हुआ। नटराज म्यूजिकल गु्रप के वरिष्ठ सदस्य नारायण श्रीवास्तव द्वारा कजलियों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। यह त्यौहार आपसी भाईचारा एवं सदभाव का प्रतीक है। आल्हा-ऊदल के समय से यह परम्परा शुरू हुई है। कार्यक्रम में प्रतिवर्ष संगीत में योगदान करने वाले बंधुओं का नागरिक सम्मान किया जाता है। जिसमें इस वर्ष योगेश सोनी शिक्षक एवं देवी नेमा,भजन गायक को शाल श्रीफ ल एवं अभिनन्दन पत्र लखमी चन्द ओसवाल मुख्य अतिथि, डाक्टर आइएस कश्यप अध्यक्ष, डॉ राजेशराज बहरे विशिष्ट अतिथि ने भेंट किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष आइएस कश्यप ने संगीत को बड़ी औषधि बताते हुए कहा कि समाज तनाव से गुजर रहा है, संगीत कई असाध्य बीमारियों का इलाज है। चिकित्सा विज्ञान में हाई ब्लड प्रेशर शुगर जैसी बीमारियों में संगीत उपचार में सहायक है। डॉ राजेश राज बहरे ने मुकेश के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके संगीत जीवन की विभिन्न संस्मरण का जिक्र किया । संगीत संघ्या में प्रथम चरण में बच्चों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुति से कार्यक्रम में गीत मेरा जूता है जापानी सौरभ रजक, डम डम डिगा डिगा बासु तिवारी,सुहाना का सफ र और ये मौसम हसीं प्रियल ओसवाल, कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है गगन दीप, मैंने तेरे लिये ही सात रंग के सपने आकाश नेमा ने गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। अगले चरण में ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बंसत दुबे, तारों से सजके अपने जीवन में राकेश पेंटर, कई सदियों से कई जन्मों तक गोविन्दा ठाकुर, चंदन सा वदन चंचल चितवननीरज ठाकुर, इक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिले राकेश ठाकुर, किसी राह में किसी मोड़ पर तूं चल न देना छोड़कर रवि पेंटर,भूमिका के साथ सजनवां बेरी हो गए हमारडॉ कश्यप, चांद को क्या मालूम चाहता है मुझे कोई चकोर महेश चौरसिया, एक प्यार का नगमा हैनीरज लूनावत, जुवां पर दर्द भरी दास्ता प्रहलाद पाठक, ओ महबूबा ओ महबूबा डा यूएस परमार, चांद आहें भरेगा विशाल सरोहा, सारंगा तेरी याद में बंसत दुबे, खुशी की वो रात आ गई मिठाई लाल, चांदी की दीवार न तोड़ी शहजाद, जैसी करनी वैसी भरनी शिवकुमार शिक्षक, राम करे ऐसा हो जायेकृष्णा खरे, हो तुमको जो पसंद वही बात करेंगे अंकित जैन ने गीत गाकर भावांजलि अर्पित की। पंकज सागरए शिवम, मनोज वाथरे, योगेश सोनी का नटराज म्यूजिकल ग्रुप द्वारा तिलक लगाकर सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन व आभार नीरज लूनावत ने व्यक्त किया।

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