[azamgarh] - नहीं रुक रहा महिला अस्पताल में महिलाओं के मौत का सिलसिला

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आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से मरीजों की मौत की यह कोई नई घटना नहीं है। पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लग चुका है, लेकिन किसी भी मामले में अब तक कोई कार्रवाई न होने और सीएमएस के ढुलमुल रवैये के चलते यहां तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के हौसले बुलंदी पर है। मंगलवार की रात एक घंटे के अंदर दो-दो महिलाओं की मौत हो गई और अस्पताल प्रशासन पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जम कर हंगामा भी किया। करोड़ों की लागत से तमाम सुविधाओं के साथ महिला अस्पताल की स्थापना महिलाओं और नवजातों के इलाज के लिए कराई गई है। लेकिन यहां तैनात डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते अक्सर ही कोई न कोई घटना घट ही जाती है। स्त्री रोग विशेषज्ञ छह डॉक्टर तैनात हैं। इसमें दो डॉक्टर पुरुष है। इसके बाद भी व्यवस्था बदतर हो चुकी है। मरीजों और तीमारदारों की माने तो बार-बार कहने पर भी गंभीर मरीजों को देखने डॉक्टर नहीं आते। कप्तानगंज क्षेत्र से अस्पताल पर डिलेवरी के लिए भर्ती एक महिला के परिजन ने बताया कि ऑपरेशन से डिलेवरी की बात डॉक्टर कह रहे है और इसके लिए ढाई हजार रुपये की मांग भी की जा रही है । वहीं सिधारी क्षेत्र निवासी रामनवल ने बताया कि उसकी पत्नी को तीन सितंबर की रात बेटा हुआ। इसके बाद तो यहां तैनात नर्सो ने बच्चे का मुंह दिखाने और मिठाई खाने के नाम पर दो हजार रुपये ले लिए। इसी तरह दो दिन पहले सोमवार को रौनापार थाना क्षेत्र से लाई गई दुष्कर्म पीड़िता को इलाज के लिए करीब पांच घंटे तक इंतजार करवाया गया क्योंकि उसका इलाज और मेडिकल जांच करने के लिए अस्पताल में कोई महिला डॉक्टर ही मौजूद नहीं थी।...

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