[delhi] - मुर्गियों पर क्रूरता रोकने को छह हफ्ते में बनाएं नियम: हाईकोर्ट

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हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को अंडा देने वाली मुर्गियों पर क्रूरता रोकने के लिए छह सप्ताह के भीतर दिशा-निर्देश का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया है। मुर्गियों के प्रति क्रूरता रोकने के संबंध में दायर एनजीओ एनीमल प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन की कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह निर्देश दिया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि देश में अंडा देने वाली करीब 40 करोड़ मुर्गियों को जीवन के ज्यादातर समय तार से बने पिंजरों में रखा जाता है, जो उन पर क्रूरता है।

मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और अन्य सभी संबंधित पक्षों को छह सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर पशु-पक्षी बोल नहीं सकते तो इसका मतलब यह नहीं कि हम उन पर क्रूरता करें। याचिकाओं पर अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी।...

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