[gaya] - बच्चों का पहला गुरु परिवार

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सीखना व सिखाना ही गुरु-शिष्य संबंध की मूल कड़ी : विनीत

बेलागंज : प्रखंड के ओर गांव स्थित ज्ञान भारती ग्लोबल स्कूल में बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति शिक्षक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदर एसडीओ सूरज कुमार सिन्हा, स्कूल के डायरेक्टर विनीत कुमार, विशिष्ट अतिथि सियाशरण सिंह, कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि रजनीश कुमार व कपिलदेव शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया. इसके बाद श्री विनीत ने अतिथियों को शॉल व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया.

समारोह में मुख्य अतिथि एसडीओ ने कहा कि बच्चे के जन्म लेने के बाद से ही उसकी शिक्षा शुरू हो जाती है. उसका पहला गुरु परिवार होता है, क्योंकि परिजन ही बच्चे को हर एक गतिविधि बताते हैं, जिसे सीखते हुए वह बड़ा होता है. इसमें अहम किरदार माता-पिता का होता है. थोड़ा बड़ा होने के बाद बच्चा पाठशाला में जाता है, जहां उसके सीखने-सिखाने का सिलसिला शुरू होता है, जो अंतिम सांस तक जारी रहता है. पाठशाला में शिक्षक बच्चे को संवारते हैं, संस्कार देते हैं और जिम्मेदार नागरिक की नींव तैयार करते हैं. इसलिए बच्चे अनुशासित होकर अपने शिक्षकों को सम्मान देते हुए शिक्षा ग्रहण करें, क्योंकि शिक्षक ही ऐसी दिशा देते हैं, जो जीवन के हर पड़ाव में साथ निभाती है. इस दौरान एसडीओ ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी बतायी, जिसमें उनके गांव तमिलनाडु के सर्वपल्ली से लेकर उनके राष्ट्रपति बनने तक की चर्चा की....

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