[hisar] - गिरफ्तार रोडवेज के 37 कर्मचारियों को देर रात जमानत,किरमारा , पाबड़ा दूसरे केस में फंसे

  |   Hisarnews

हिसार। हाईकोर्ट के आदेश तथा एस्मा के बावजूद रोडवेज ने चक्का जाम किया तो प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए प्रधान दलबीर किरमारा सहित 37 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने धीरे धीरे बसों का संचालन शुरू कराया। कुुल 226 बसों में से 83 बसों को चलाने का दावा किया गया। देर रात रोडवेज के 35 कर्मचारियों को निजी मुचलके पर जमानत पर रिहा कर दिया। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान दलबीर किरमारा, कुलदीप पाबड़ा को कैमरा तोड़ने के केस चलते जमानत नहीं मिली।

रात 12 बजे से ही रोडवेज कर्मचारियों ने बसों को बंद कर दिया। सुबह करीब साढे़ तीन बजे एक चालक ने बस चलाने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो चालक ने गेट के बीच में बस रोक दी। डीएसपी ने उसे बस चलाने को कहा, लेकिन काफी देर तक बस में बैठने के बाद चालक हाथ जोड़कर नीचे उतर गया। इस दौरान गाली-गलौच भी हुईं। वर्कशॉप के बाहर हड़ताली कर्मचारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सुबह चंडीगढ़, दिल्ली, गुरुग्राम सहित अन्य रूट के लिए चलने वाली करीब 30 से अधिक बसों के समय ठप हो गए। करीब 8 बजे पुलिस ने कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लेकर बसों में बिठाना शुरू कर दिया। दलबीर किरमारा, रमेश सैनी ने हिरासत में लिए जाने का कड़ा विरोध जताया। 37 कर्मचारियों को पुलिस बस में बैठाकर ले जाया गया। कर्मचारियों की गिरफ्तारी के समय तनाव की स्थिति बन गई थी। बस स्टैंड पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार हरकेश गुप्ता, डीएसपी अमरजीत सिंह, डीएसपी दलजीत सिंह, रोडवेज यातायात प्रबंधक जितेन्द्र सिंह ने रोडवेज की बसों को बूथों पर लगवाया। सुबह 10.30 बजे तक कुछ रूटों पर बसें चलाई गई। सभी रूटों पर बस सेवाएं शाम तक सुचारु नहीं हो पाई।...

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/badJ6QAA

📲 Get Hisar News on Whatsapp 💬