[indore] - क्यों होते हैं चमड़ी से लेकर हड्ड़ी तक के रोग

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  • पांच दिवसीय तनाव मुक्ति शांति अनुभूति शिविर का उदघाटन ओम शांति भवन में

विपरीत परिस्थितियों में भी हर्षित रहने से आत्मबल में कमी नहीं आती

इंदौर। संसार में कुछ लोग मानते हैं कि तनाव जीवन का हिस्सा है, लेकिन ऐसा नहीं है। माता दुर्गा ने कितने बड़े-बड़े असुरों का संहार किया लेकिन सदा शक्तिशाली और हर्षित रहे। कृष्ण ने कालिया देह नाग ऊपर डॉंस किया और हर्षित भी रहे। श्रीराम के सामने भी कितनी विपरीत परिस्थितियां आई लेकिन उन्होंने कभी आत्मबल नहीं खोया। अत: हमारा यह कथन सत्य नहीं है कि तनाव जीवन का हिस्सा है।

गुरुवार को ओमशांति भवन में ओमप्रकाश भाईजी सभागृह में पांच दिवसीय तनावमुक्ति शांति अनुभूति शिविर के उदघाटन सत्र में माउंट आबू की ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने उक्त विचार व्यक्ति किए। उन्होंने कहा कि आज मानव की उड़ान केवल एक पंख की है। वह भौतिक उपलब्धियों के पीछे भाग रहा है। दूसरा बल आत्म बल, जीवन के मूल्य, आध्यात्मिक शक्ति उसके पास नहीं है। इसलिए जीवन तनावग्रस्त होता जा रहा है। आज स्वयं की आत्मिक उन्नति के लिए किसी के पास समय नहीं हैं। क्योंकि आज आम मान्यता हो गई है कि बड़ी आयु के बाद इसके लिए समय निकालेंगे। अभी जिम्मेवारी ज्यादा है। लेकिन जब जिम्मेवारी अधिक है तभी हमें आत्मबल, आध्यात्मिकमा की आवश्यकता है। इसके लिए राजयोग मेडीटेशन कारगर उपाय है। इस अवसर पर इंदौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि तनाव दुख का कारण हम स्वयं है अर्थात् हमारी सोच है। हमने नकारात्मक सोचकर अपनी शक्ति खर्च कर ली है। अब हमें अपनी शक्ति को पहचान कर बढ़ाना है। कोलकाता से पधारे यूको बैंक के जनरल मेनेजर महेश कुमार, यूको बैंक इंदौर के एजीएम ओमप्रकाश गुरनानी ने दीप प्रज्जवलन कर अपनी शुभकामनाए दी। मंच का कुशल संचालन ब्रह्माकुमारी सोनाली ने किया। शिविर 12 से 16 जुलाई तक 7 से 8.30 तक एवं संध्या 7.30 से 9 बजे तक रहेगा।...

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