👉 हिंदी अखबारों 📰 को नया कलेवर देने वाले कल्पेश याग्निक का निधन 😢

देश के वरिष्ठ पत्रकार और एक समाचार ग्रुप के समूह संपादक कल्पेश याग्निक का गुरुवार देर रात निधन हो गया । वे 58 वर्ष के थे । देर रात करीब 10 बजे उन्हें दफ्तर में ही दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया ।

अस्पताल में करीब 3 घंटे तक इलाज चलने के बाद रात 2 बजे उनकी मृत्यु हो गई । डॉक्टरों के अनुसार उन्हें अस्पताल लाने के बाद भी एक दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें बचाना काफी मुश्किल हो गया था । उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को इंदौर में किया गया।

करीब तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय कल्पेश याग्निक को राजनीति और अखबार के नए कलेवर का माहिर खिलाड़ी माना जाता था। हिंदी पत्रकारिता का कलेवर बदलने का श्रेय उन्हीं को दिया जाता है । विदेशी अखबारों की तर्ज पर हिंदी अखबारों को ला खड़ा करने के लिए उन्होंने दस साल का अथक परिश्रम किया था ।

मूलतः राजस्थान के बांसवाड़ा के रहने वाले कल्पेश याग्निक ने अपने कॅरियर की शुरुआत इंदौर के अंग्रेजी अखबार फ्री पे्रस से की थी । वे वहां संपादक भी रहे । उनके निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि यह पत्रकारिता को बहुत बड़ी क्षति है वे एक निर्भिक पत्रकार थे । वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह मेरा निजी नुकसान है । वे एक बेहतरीन पत्रकार और अच्छे इंसान थे ।

फोटो के लिए देखें- http://v.duta.us/s5TY8QAA

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