[chhattisgarh] - साहित्य में जागरुकता लाने अनोखी पहल साबित हो रही है 'कविता चौराहे पर'

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छत्तीसगढ़ के मुंगेली नगर का साहित्य के क्षेत्र में अपना अलग नाम है. यहां साहित्य को आगे बढ़ाने कई पहल भी किये जाते रहे हैं. ऐसा ही एक अनोखा उदाहरण कविता चौराहे पर देखने को मिला है. वर्ष 2005 से मुंगेली के साहित्कार राकेश गुप्त और जगदीश देवांगन ने ये एक पहल शुरू की थी, जिसमें चौक पर एक बोर्ड में नित नई कविता लिखकर प्रदर्शित की जाती है.

ये कविताएं समसामायिक विषयों पर आधारित रहती हैं. जैसे राजनीतिक उथलपुथल तीज त्यौहार, सीमापार लड़ाई आंतकी हमले, शिक्षा, स्वास्थ या मौसम की मार या पानी की दरकार हो ऐसे मौजूदा हालात पर कविताएं लिखी जाती हैं. इसकी शुरुआत करने वाले राकेश गुप्त पेशे से दर्जी हैं, लेकिन साहित्य के क्षेत्र में गहरी पकड़ रखते हैं. इनका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक इन विषयों को कविता के माध्यम से पहुंचाना है. ...

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