[chhindwara] - यहां के टाइगर को नहीं लगी किसी की नजर

  |   Chhindwaranews

छिंदवाड़ा.शुक्र है..शिकारियों की निगाहों में पेंच नेशनल पार्क और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बीच छिंदवाड़ा से गुजरता कारीडोर नहीं आ पाया है। इससे इन जंगलों में चहलकदमी करनेवाले टाइगर ज्यादा सुरक्षित है। इसके अलावा दक्षिण की सिल्लेवानी की घाटी हो या फिर अमरवाड़ा और हर्रई के सघन जंगल में भी एक अपवाद को छोड़कर कहीं भी शिकार दर्ज नहीं हुआ है।

पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में इसके संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में एक घटना को छोड़कर कहीं भी छिंदवाड़ा का जिक्र नहीं किया गया है। पड़ोसी जिले सिवनी और बालाघाट में जरूर शिकार की ज्यादा घटनाएं दर्ज हुई है। इस रिपोर्ट में एक जनवरी 2017 से 30 जून 2018 तक पूरे प्रदेश के जंगलों में टाइगर की मौत का विवरण दर्ज किया गया है। जिसमें छिंदवाड़ा से दक्षिण वनमण्डल में केवल 21 जुलाई2017 में बाघ की खाल जब्त करने के मामले में इस एक वन्य प्राणी के शिकार का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा पड़ोसी जिले सिवनी,बालाघाट,मंडला और होशंगाबाद से जुड़े पेंच,कान्हा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हुई 19 टाइगर की मौतें दर्ज की गई है। इनमें कहीं टाइगर का मृत शव मिला है तो कहीं इसका शिकार किया गया है। बैतूल समेत प्रदेश के अन्य जिलों का भी जिक्र किया गया है।...

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/Spwq0QAA

📲 Get Chhindwara News on Whatsapp 💬