[etah] - ओडीएफ का शोर, रैकिंग में पिछड़ा जिला

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एटा। जिले में शौचालय निर्माण और ओडीएफ का शोर अब थम गया है। आलम यह है कि जिला अब 13 स्थान पिछड़कर 34 से 47वें स्थान पर आ गया है। ऐसे में अक्तूबर 2018 तक जिले का ओडीएफ होना चुनौती बनता नजर आ रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण को संचालित कर रहे जिला पंचायत राज विभाग का हाल इन दिनों ठीक नहीं चल रहा है। विभाग के एक बड़े अधिकारी के हाथ से शक्तियां छिनने के बाद ओडीएफ की नैया डूबती नजर आ रही है। जिले में पिछले दिनों शौचालयों के निर्माण और एमआइएस फीडिंग ने रफ्तार पकड़ी थी। उम्मीद थी कि एटा अक्तूबर 2018 तक ओडीएफ होकर प्रदेश में नाम रोशन करेगा। मगर अप्रैल माह में विभाग के एक अधिकारी पर आरोप लगाकर उनसे अधिकार छीन लिए गए। इसका सीधा असर ओडीएफ और स्वच्छ भारत मिशन पर दिखा है। आलम यह हुआ है कि ओडीएफ को लेकर शासन से मिला अक्तूबर 2018 का लक्ष्य अब दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। दो महीने में जिले की रैकिंग 34 से गिरकर 47वें स्थान पर आ गई है। जबकि एमआईएस फीडिंग की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। फीडिंग में जिला 37वें स्थान से खिसककर 46वें स्थान पर आ गया है। वहीं जियो टैगिंग में 41वें स्थान से जिला खिसककर 47वें स्थान पर है। प्रदेश में जिले की रैकिंग को पिछड़ता देख मुख्य सचिव भी नाराजगी जता चुके हैं, लेकिन सरकारी मशीनरी सुस्त रफ्तार से काम कर रही है। ऐसे में ओडीएफ को लेकर चल रही कवायद बेमानी साबित हो रही है।...

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