[mirzapur] - गुप्त नवरात्रि व्रत से मिलता है विशेष फल

  |   Mirzapurnews

विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी दरबार मे शुक्रवार से प्रारंभ हो रहा है। गुप्त नवरात्रि 13 जुलाई से प्रारंभ होकर 21 जुलाई शनिवार नवरात्र पूजा विधि विधान के साथ समाप्त होगा। आषाढ़ माह गुप्त नवरात्र माह के नाम से जाना जाता है। आषाढ़ माह जून व जुलाई में पड़ने के कारण इस पर्व को आषाढ़ नवरात्र कहा जाता है। हालांकि देश के अधिकांश भाग में इसे गुप्त नवरात्र के रूप में लोग जानते हैं। उत्तरी भारत जैसे हिमांचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड व बिहार के आसपास के प्रदेशों में गुप्त नवरात्र में मां भगवती की पूजा की जाती है। प्रथम दिन कलश स्थापना, मां शैल पुत्री, द्वितीय दिन मां ब्रम्हचारिणी, तृतीय दिन मां स्कंद माता, षष्ठी दिन मां कात्यायनी, सप्तमी दिन मां कालरात्री, अष्टमी महागौरी, नवमी महा सिद्धिदात्री के रूप में जानी जाती है। इस गुप्त नवरात्रि में मां भगवती की आराधना, मां दुर्गासप्तशती का पाठ किया जाता है परंतु समयाभाव हो तो भगवान शिवरचित सप्तष्लोकी दुर्गा पाठ अत्यंन्त ही प्रभावशाली फल प्रदान करता है।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/5eZtmQAA

📲 Get Mirzapur News on Whatsapp 💬