[punjab] - 10वीं के छात्र ने शौक में पी सिगरेट फिर बना मेडिकल नशे का आदी

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खेलने और कूदने की आयु में भी बच्चे नशे का शिकार हो रहे हैं। शौक-शौक में शुरू किया गया नशा बच्चों की आदत बनता जा रहा है। डेढ़ माह के इलाज के बाद नशामुक्त होकर अपने पिता व बुआ के साथ घर वापस जा रहे 14 वर्षीय लड़के ने बताया कि वह शौक-शौक में ही स्कूल में पढ़ते समय तंबाकू खाने लग गया। तंबाकू के बाद फिर वह बीड़ी-सिगरेट पीने लग गया व धीरे-धीरे सूल्फे का नशा करने लग गया। स्कूल व गांव के स्टेडियम में एकत्रित होते लड़कों की टोली ने उसे नशीली गोलियां खाने का आदी बना दिया। नशे की तोड़ के कारण वह घर से पैसे चोरी करने लग गया। उसने बताया कि स्कूल में चार-पांच और लड़के भी नशा करते हैं। जो कि स्कूल के समय के दौरान ही स्कूल में छिपकर नशा करते हैं। गांव के स्टेडियम में रोजाना 20-25 लड़के एकत्रित होते हैं। जिनकी संगत ने ही उसे मेडिकल नशा करने का आदि बनाया। एकत्रित हुए लड़कों में बड़ी आयु के लड़के उसे नशा लेने के लिए भेज देते थे, ताकि कोई उस पर शक न कर सके। रेडक्रॉस नशा छुड़ाओ केंद्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मोहन शर्मा ने बताया कि वह 10 से अधिक बच्चों का नशा छुड़वा चुके हैं। नशे का शिकार हुए इस 14 वर्षीय लड़के को उसके परिवार की ओर से 28 मई को दाखिल करवाया गया था। जिसका शरीर काफी कमजोर था। ...

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