🤜जीआरपी ने लापता सीआरपीएफ जवान👮 का अज्ञात व्‍यक्ति के रूप में कर दिया😱 अंतिम संस्कार

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सीआरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) अजित कुमार ने अपने जीवन का काफी समय देश की सेवा में लगाया जिसमें आतंकवाद प्रभावित कश्मीर घाटी में सेवा भी शामिल है. लेकिन जब 45 वर्षीय कुमार करनाल में संदिग्ध परिस्थितियों में रेल पटरी के पास मृत मिले तो उनका अंतिम संस्कार एक ‘अज्ञात’ व्यक्ति के तौर पर कर दिया गया. उनके परिवार ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

कुमार के परिवार के सदस्यों ने बताया कि 11 जुलाई की शाम में वह हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला स्थित अपने पैतृक गांव देहरात से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे. उन्हें नई दिल्ली में अर्द्धसैनिक बल के अपने सहयोगियों से मिलना था जहां से उन्हें असम जाना था और वहां ड्यूटी ज्वाइन करनी थी. उनका श्रीनगर से स्थानांतरण असम किया गया था.

उनके परिवार ने बताया कि कुमार के राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने के कुछ ही समय बाद उनसे सम्पर्क टूट गया. कुछ घंटे प्रयास करने के बाद उन्होंने नांगल डैम रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाने से सम्पर्क किया जहां से कुमार ट्रेन में सवार हुए थे. 12 जुलाई को कुमार के संदिग्ध परिस्थितियों में गुम होने की एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई. उनकी आशंका तब सच हो गई जब तीन दिन बाद पता चला कि कुमार रेल पटरियों के पास मृत मिले थे और उनका अंतिम संस्कार एक अज्ञात व्यक्ति के तौर पर कर दिया गया.

मृतक के एक रिश्तेदार राजीव शर्मा ने कहा, ‘हम यह जानकार हैरान रह गए थे कि 15 जुलाई को जीआरपी करनाल ने कुमार का अंतिम संस्कार एक अज्ञात व्यक्ति के शव के तौर पर कर दिया गया. जबकि हमने उनके अंतिम संस्कार से तीन दिन पहले 12 जुलाई की रात में एक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.’ उन्होंने कहा कि कुमार की पत्नी सुनीता देवी और उनकी तीन अविवाहित पुत्रियां जीआरपी अधिकारियों की लापरवाही के चलते आखिरी बार उनका चेहरा भी नहीं देख पायीं.

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