[alwar] - सरिस्का में बाघ बचाने की कवायद में जुटा विभाग, इस अनदेखी से हो सकता है नुकसान

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अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों की रक्षा केवल थर्मल या सीसीटीवी कैमरों के भरोसे संभव नहीं है, वन्यजीवों को शिकारियों की जद से बचाने के लिए यहां अभी 300 से 400 वनकर्मियों की जरूरत है।

अलवर जिले के 1213 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले सरिस्का बाघ परियोजना की सुरक्षा अब आईटी सिक्योरिटी सिस्टम से होगी। इसकी शुरुआत आगामी 27 जुलाई को बीकानेर में मुख्यमंत्री की ओर से किए जाने की तैयारी है। इसके लिए सरिस्का में थर्मल पावर कैमरे लगाए गए हैं, वहीं ड्रोन से भी वन्यजीवों की निगरानी कराई जाएगी। इस सिस्टम के तहत सरिस्का में 17 टावरों पर थर्मल कैमरे लगाए गए हैं। इन टावरों की ऊंचाई45 मीटर तक है। ये थर्मल कैमरे अपने समीप कई किलोमीटर की दूरी तक वन्यजीवों व अन्य गतिविधियों की फोटो लेने में सक्षम होंगे। हालांकि सरकार का दावा है कि सिक्योरिटी सिस्टम से सरिस्का में सुरक्षा की समस्या का निदान हो जाएगा, लेकिन केवल कैमरों के भरोसे सरिस्का को सुरक्षित नहीं रह सकता।...

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