[gwalior] - 60 करोड़ खर्च, फिर भी विलुप्त हो गई सोन चिरैया, 9 साल से नहीं दिखी एक भी

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ग्वालियर। विलुप्त प्रजाति की पक्षी सोन चिरैया के संरक्षण के लिए घाटीगांव-करैरा क्षेत्र में बने अभयारण्य में अब तक 60 करोड़ रुपए से भी ज्यादा खर्च हो चुके हैं, लेकिन सोन चिरैया का संरक्षण नहीं किया जा सका है।

आश्चर्य जनक बात यह है कि 2009 से यहां सोन चिरैया नहीं दिखी है, इसके बावजूद इसके संरक्षण और शोध के लिए हर साल लगभग 10 लाख रुपए खर्च होते रहे हैं। इसके अलावा अभयारण्य में तैनात 40 से अधिक वन कर्मचारियों पर व्यय होता है।

नौ साल पहले यहां 10 सोन चिरैया होने का दावा किया गया था, फिर भी वन क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन को बंद नहीं किया गया। खनन माफिया का लगातार दखल भी सोन चिरैया के विलुप्त होने का कारण माना जा रहा है। इस स्थान को सुरक्षित रखने के लिए शासन ने विशेष प्रयास नहीं किए।...

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