[jharkhand] - प्रदर्शनकारियों की टिप्पणी से आहत थानाप्रभारी ने पूछा- क्या मुसलमान होना मेरा गुनाह है?

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फिल्म सरफरोश का इंस्पेक्टर सलीम आपको याद होगा. फिल्म में एक जांच दल में इंस्पेक्टर सलीम को नहीं रखा जाता है, तो वो अपने मुसलमान होने को लेकर इस पर सवाल खड़ा करता है. ठीक उसी तरह का वाकया बीते 18 जुलाई को रांची के डोरंडा थाने में सामने आता है.

डोरंडा थाने में थानाप्रभारी के तौर पर पदस्थापित इंस्पेक्टर आबिद खान एक हत्या के सिलसिले में प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाते हैं. हत्या स्थानीय बीजेपी नेता की हुई थी, इसलिए बड़ी संख्या में जनता के साथ-साथ बीजेपी नेता व कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल थे. थाना परिसर में शव के साथ प्रदर्शन चल रहा था. इस बीच प्रदर्शनकारियों में से किसी ने थानाप्रभारी आबिद खान के मुसलमान होने को लेकर टिप्पणी कर दी और लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सवाल खड़ा किया. इससे इंस्पेक्टर आबिद खान इतने आहत हुए कि खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने वहां मौजूद लोगों से सवाल किया," क्या ...

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